अवैध उत्खनन : मंदिर हसौद इलाके में मिला सरकारी जमीन पर रेत और मुरुम का पहाड़

District Collector
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कारोबारियों ने गांव के आउटर में शासकीय जमीन पर रेत और मुरुम का भंडारण किया हुआ था। यहां रेत करीब 310 हाईवा और मुरुम 134 हाईवा का भंडारण पाया गया।

रायपुर। बारिश का सीजन शुरू होने से पहले जिले में रेत और मुरुम का अवैध भंडारण शुरू हो गया है। रेत और मुरुम की कई खदानों में जहां बिना सीआ से एनओसी मिले अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा है, वहीं कई वैध खदानों में नियमों को ताक पर रखकर भी खनन किया जा रहा है। रेत और मुरुम का उत्खनन करने के साथ अब दोनों का अवैध रूप से भंडारण भी किया जा रहा है। एक ऐसा ही मामला गुरुवार को मंदिर हसौद क्षेत्र में सामने आया है। यहां के सीएमओ और तहसीलदार ने कार्रवाई करते हुए 310 हाईवा रेत और 134 हाईवा मुरुम जब्त की है। कारोबारियों ने रेत और मुरुम को ग्राम नकटा स्थित शासकीय जमीन पर भंडारण किया हुआ था। भंडारण किन लोगों ने और किसके कहने पर किया है, इस बारे में अधिकारी भी बता नहीं पा रहे हैं।

जिला कलेक्टर ने जिले में अवैध प्लाटिंग सहित रेत व मुरुम का अवैध उत्खनन व भंडारण करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत मंदिर हसौद क्षेत्र के ग्राम नकटा में रेत और मुरुम का अवैध भंडारण करने की मिली शिकायत पर तहसीलदार और सीएमओ के नेतृत्व में टीम पहुंची थी। कारोबारियों ने गांव के आउटर में शासकीय जमीन पर रेत और मुरुम का भंडारण किया हुआ था। यहां रेत करीब 310 हाईवा और मुरुम 134 हाईवा का भंडारण पाया गया। टीम ने रेत और मुरुम को जब्ती करने की कार्रवाई की। बताया गया कि जब्ती के दौरान टीम ने रेत और मुरुम का यहां भंडारण करने वालों का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई।

3 एकड़ कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग को हटाया

मंदिर हसौद क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग भी जमकर हो रही है। अभिषेक गुप्ता की एक एकड़ और पिंटू ब्रम्हा की 2 एकड़ कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग कराई गई थी। टीम ने इस अवैध प्लाटिंग को हटाने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान रायपुर अटल एक्सप्रेस वे पर खुले अवैध प्लॉटिंग के मार्ग को भी बंद किया गया।

10 जून से लग सकती है रेत उत्खनन पर रोक

बारिश का सीजन शुरू होते ही रेत खदानों में उत्खनन पर प्रशासन रोक लगा देता है। बारिश के दिनों में नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है, जिसके कारण नदी के किनारे भी पानी भर जाता है। इसके कारण प्रशासन बारिश के सीजनभर रेत खदानों में उत्खनन पर रोक लगाता है। पिछले वर्ष 10 जून से 10 अक्टूबर तक रोक लगाई गई थी। संभवतः इस बार भी 10 जून से रोक लग सकती है।

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