अवैध कब्जा हटाने पहुंची टीम : कब्जाधारी ने पिया जहर, कहा-  पटवारी और तहसीलदार ने मांगे थे पैसे 

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कब्जाधारी अग्रेश्वर नंदकुमार
अवैध कब्जा हटाने गई टीम को रोकने के लिए बेजा कब्जाधारी ने मौके पर ही जहर पी लिया। उसका आरोप है कि, पटवारी और तहसीलदार ने कब्जे को न हटाने के लिए एक लाख रुपए लिए हैं। 

करण साहू- बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ से एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां अवैध कब्जा हटाने गए तहसीलदार की टीम को रोकने के लिए बेजा कब्जाधारी ने जहर पी लिया है। जिसके बाद तहसीलदार कमलेश सिदार ने कब्जाधारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है। बेजा कब्जाधारी अग्रेश्वर ने आरोप लगाया है कि पटवारी और तहसीलदार ने उनके बेजाकब्जा को न हटाने के लिए 1 लाख की मांग की थी। मैं 50 हजार देने गया लेकिन तहसीलदार ने नहीं लिया और कार्रवाई करने पहुंच गए।

यह पूरा मामला बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायत खुरसुला का है। जहां अवैध कब्जा हटाने गए तहसीलदार की टीम को रोकने के लिए बेजा कब्जाधारी ने जहर पी लिया है। जिसके बाद तहसीलदार कमलेश सिदार ने कब्जाधारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। बेजा कब्जाधारी अग्रेश्वर ने आरोप लगाया है कि, पटवारी और तहसीलदार ने उनके बेजा कब्जा को न हटाने के लिए 1 लाख की मांग की थी।

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अवैध कब्ज़ा हटाते हुए प्रशासन की टीम

प्रताड़ित होकर पिया जहर

कब्जाधारी अग्रेश्वर का कहना है कि, मैं 50 हजार देने गया लेकिन तहसीलदार ने नहीं लिया और कार्रवाई करने पहुंच गए। इससे प्रताड़ित होकर कब्जाधारी ने जहर पी लिया। वहीं इस पूरे मामले में तहसीलदार कमलेश सिदार ने कहा कि, आवेदक पुनीराम साहू ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दिया था कि, ग्राम खुरसूला में शासकीय घास भूमि पर खुरसुला निवासी अग्रेश्वर नंदकुमार पिता बिषम्भर ने शासकीय भूमि पर अवैधानिक रूप से बेजा कब्जा किया है। इसके अलावा उसने उस जमीन पर ट्यूबवेल खनन किया है और कच्चा मकान बनाया है। जांच करने पर कब्जे का पता चला है।

नोटिस के बाद भी कब्ज़ा नहीं हटाया

तहसीलदार ने बताया कि, अनावेदक को कब्जा हटाने के लिए कई बार नोटिस दिया गया। लेकिन अनावेदक ने कब्जा नहीं हटाया। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। रही बात पैसे लेन-देन की तो पूरे गांव के सामने कार्रवाई की गई है। मैंने किसी भी प्रकार के पैसों का डिमांड नहीं किया है। मुझ पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। आरोप सिद्ध न होने पर मैं मानहानि का केस दावा करूंगा।

पहले से बेहतर है मरीज- बीएमओ

इस पूरे मामले पर खंड चिकित्सा अधिकारी पुष्पेंद्र वैष्णव ने बताया कि, खुरसुला से एक पाइजन का केस आया हुआ है। जिनका इलाज किया जा रहा है। मरीज इलाज कराने में सहयोग नहीं कर रहा है। इसके लिए उन्हें बिलासपुर रेफर किया जा रहा है फिलहाल उसकी हालत सामान्य है।

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