हरिभूमि- आईएनएच के जिला संवाद कार्यक्रम में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने महिला बाल विकास मंत्री से खास बातचीत की। 

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि प्रदेश जल्द ही कुपोषण मुक्त होगा और इसके लिए कई पायलट प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। बस्तर और सरगुजा के चार-चार जिलों को प्रथम चरण में इसमें शामिल करते हुए अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष तौर पर अधिकारियों की ड्यूटी इस योजना के लिए लगाई गई है। डे केयर के साथ ही दृष्टि और अस्थि बाधित केंद्र खोले जा रहे हैं। सूरजपुर जिले में हुए हरिभूमि आईएनएच के जिला संवाद कार्यक्रम में प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने महिला बाल विकास मंत्री से खास बातचीत की। 

डॉ. द्विवेदी- मंत्री पद की दौड़ में कई दिग्गज नेता थे, यह मौका आपको कैसे मिल गया ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेः सच कहूं तो इस बारे में कभी कुछ सोचा नहीं था। विधानसभा में बडगांव क्षेत्र से जीत मिलने के बाद यह था कि बस अपनी जनता के लिए काम करना है। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है और मेहनत और लगन का फल हमेशा मिलता है। मंत्री पद का दायित्व देने के लिए पार्टी को धन्यवाद देती हूं।

डॉ. द्विवेदीः मंत्री बनने के बाद क्या कुछ बदल गया आपके जीवन में ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेः दायित्व बदला है और इसे स्वीकार करना होगा। विधायक रहते हुए सिर्फ अपने भटगांव क्षेत्र की जनता के लिए काम करना था। अब जब महिला और बाल विकास मंत्री का दायित्व मिला है तो यह पूरे राज्य के 90 विधानसभा क्षेत्र के लिए है। राज्य सरकार की योजनाएं इन क्षेत्रों तक पहुंच सकें उसके लिए पूरा काम किया जा रहा है। लोगों की अपेक्षाएं और उम्मीदें होती हैं। शिक्षा स्वास्थ्य पर भी बेहतर काम हो रहा है।

डॉ. द्विवेदीः आप भटगांव क्षेत्र से हैं, मंत्री बनने के बाद विधानसभा को क्या मिला ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेः पिछले 2 सालों में भटगांव क्षेत्र में काफी काम हुए हैं। केंद्र और राज्य की योजनाओं को भी इस दूरस्थ अंचल तक पहुंचाया जा रहा है। क्षेत्र में सड़कों पर खास तौर पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तौर पर 33 काम स्वीकृत हुए हैं और कई का काम तेजी से जारी हैं। इससे पहले जिन भी क्षेत्र में कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंच पाता था वहां मैं बाइक से गई हूं। लोगों की समस्याओं को सुनकर और समझकर काम कराया जा रहा है। सड़क, नाली, पानी, बिजली के साथ आवास स्वीकृत कराए गए हैं। भैयाथान चांदनी बिहार और दूसरे क्षेत्र के लिए इस बजट में भी राशि मिली है।

डॉ. द्विवेदीः विधानसभा क्षेत्र से आपको 44 हजार से अधिक मतों से जीत मिली है यह हुआ कैसे ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेः मुझे लगता है कार्यकर्ताओं की मेहनत और व्यक्तिगत व्यवहार इसमें बहुत काम आया है। इसके साथ थी पिछले 5 सालों में कांग्रेस के कामों से लोग तंग आ चुके थे और बदलाव का पूरा मन बना चुके थे। इसका भी पूरा फायदा मिला। साथी जनता को यह विश्वास दिलाया गया कि भाजपा की सरकार लोगों के हित में काम करती है और लोक कल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है। साथ ही कांग्रेसी उम्मीदवार इससे पहले दो बार विधायक रह चुके थे तो उनके प्रति नाराजगी भी स्वाभाविक थी।

डॉ. द्विवेदीः सूरजपुर जिले की पिछले 2 सालों में क्या स्थिति है?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेःइसे बिल्कुल स्वीकार करना होगा कि सूरजपूर जिले में अभी और विकास कार्य किए जाने हैं। हमने 2 सालों में फिर भी बहुत काम किया है। केंद्रीय विद्यालय खुलने वाला है तो बच्चों को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के लिए उद्यानकी और वानिकी कॉलेज भी खोला जा रहा है। डाइट कॉलेज भी जल्द ही खुल जाएगा। खासतौर पर सड़क और बिजली का काम हुआ है।

डॉ. द्विवेदीः सूरजपुर क्षेत्र में कौन सा धंधा बेहतर है रेत या कोयले का ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: सूरजपुर क्षेत्र से कोयला अधिक निकलता है लेकिन इसमें गड़बड़ी या कालाबाजारी की शिकायत बहुत ज्यादा नहीं है। जहां तक रेत की बात है तो अवैध उत्खनन की शिकायत नहीं मिली है। और रेत को एक धंधे के रूप में ना देखते हुए आवश्यकता के तौर पर अधिक देखे जाने की जरूरत है। प्रदेश भर में पीएम आवास बन रहे हैं तो इसके लिए रेत जरूरी हो जाती है। अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए शासन प्रशासन स्तर पर भी पूरी कोशिश की जाती है। जहां भी गड़बड़ी पाई जा रही है वहां सख्त कार्रवाई हो रही है।

डॉ. द्विवेदीः अपने विभाग के बारे में 2 साल की उपलब्धि के बारे में कुछ बता पाएंगी ?
 मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेः कोई भी योजना आती है तो वह पूरे प्रदेश के लिए और वहां की जनता के लिए होती है। मिनी आंगनवाड़ी खोले गए हैं तो छोटे आंगनबाड़ियों को बड़ा किया गया है। नए आंगनबाड़ी भवन बनाए गए हैं, जहां मरम्मत की जरूरत थी वहां के लिए भी अलग से राशि स्वीकृत की गई है। कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती जिला और प्रदेश स्तर पर की गई है। सरगुजा और बस्तर संभाग में खास तौर पर कुपोषण को दूर करने पर काम किया जा रहा है। प्रदेश भर में कुपोषण मुक्ति योजना पर काम करते हुए अभियान चलाया जा रहा है। सरगुजा और बस्तर के चार-चार जिलों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना में शामिल किया गया है। यहां अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराए जाएंगे। महिलाओं को छोटे उद्यमी के तौर पर सामने लाने की कोशिश हो रही है और इसके लिए अलग से लोन की व्यवस्था भी हो रही है।

डॉ. द्विवेदीः पोषण आहार योजना में बदलाव को किस रूप में देखती हैं और भाजपा सरकार इसमें क्या कर रही ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेः पोषण आहार योजना में बदलाव कांग्रेस सरकार ने किया था। स्व सहायता समूह से रोटी छीनने का काम करते हुए इसे निजी कंपनियों के हवाले किया गया था । रेडी टू ईट योजना जो महिलाओं के माध्यम से बनकर सभी जगह पहुंचती थी इसे छीन लिया गया था। भाजपा सरकार इसमें बदलाव कर रही है। फिलहाल 6 जिलों में फिर से स्व सहायता समूह को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम सौंपा गया है। जल्द ही इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। रानी दुर्गावती योजना भी लागू की जा रही है क्योंकि भाजपा महिलाओं की चिंता अधिक करती है। बुजुर्गों के लिए डे केयर सेंटर भी सभी जिलों में खोले जा रहे हैं। यहां भोजन के साथ ही भजन कीर्तन और दूसरी व्यवस्था होंगी। श्रवण और बाधित सेंटर भी सूरजपुर में जिले में खोला जा रहा है।

डॉ. द्विवेदीः ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बाद भी नगर पालिका चुनाव में सूरजपुर में भाजपा की हार कैसे हो गई ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़ेः इस हार को स्वीकार करते हुए यह मानना होगा कि कहीं कोई चूक रह गई होगी। हमारे कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की थी। जहां गलती हुई होगी उसे सुधार कर फिर जनता के बीच में जाएंगे।