A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए आईटी आधारित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को लागू कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डिजिटल रिफार्म की सराहना करते हुए राज्य को 250 करोड़ रुपये की कैपेक्स के रूप में प्रदान की है। इस राशि का उपयोग राज्य के अधोसंरचना निर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि, तकनीक आधारित सुधार और सुशासन ही राज्य के आर्थिक विकास का मूलमंत्र है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि जनता के प्रति हमारी सरकार के सुशासन के संकल्प का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा।
इसे भी पढ़ें....छत्तीसगढ़ ने रचा नया कीर्तिमान : वन पारिस्थितिकी तंत्र को ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने वाला पहला राज्य बना
जस्ट इन टाइम मॉडल से ट्रैकिंग भुगतान आसान हुई
राज्य ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन के लिए जस्ट इन टाइम मॉडल और एसएनए स्पर्श प्रणाली को अपनाया है। यह प्रणाली वित्तीय प्रवाह को कुशल बनाते हुए निधियों के वितरण, ट्रैकिंग और भुगतान को आसान बनाती है। इसके तहत राज्य सरकार ने केंद्र की निधि को आरबीआई के ई-कुबेर नेटवर्क और राज्य की निधि को वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली के माध्यम से समेकित किया है। इस पहल से निधि के सही समय पर उपयोग और वास्तविक समय में व्यय की रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित हुई है।
स्मार्ट भुगतान से वित्तीय प्रबंधन में मिल रही मदद
इस सुधार के तहत स्मार्ट भुगतान एल्गोरिथम का उपयोग किया गया है, जिससे भुगतान ट्रिगर नियमों के आधार पर वास्तविक समय में किया जाता है। इससे सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के परिणाम बेहतर हुए है। साथ ही, राज्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म और पोर्टल्स का निर्माण कर आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल इंडिया और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर को बढ़ावा देने के लिए अपने तकनीक आधारित सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक बनाया है। राज्य की अधोसंरचना परियोजनाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को इस प्रोत्साहन राशि से और अधिक मजबूती मिलेगी।
आईटी के प्रयोग को मिल रहा बढ़ावा
उल्लेखनीय है कि, छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने आईटी के प्रयोग को बढ़ावा दे रही है, इसी के तहत् केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए राशि जारी करने, वितरित करने और निधियों की ट्रैकिंग करने तथा बेहतर नकद प्रबंधन के लिए राज्य शासन ने एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जेआईटी मॉडल को अपनाया है। इसके माध्यम से केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए नवीन सिस्टम के माध्यम से कार्य किया जा रहा है जिसका उद्देश्य केन्द्र और राज्य की समेकित निधि से राशि का अनुकूलित करना और व्यय की वास्तविक समय रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करना है।
इसे भी पढ़ें.....नव वर्ष 2025 : सीएम साय ने प्रदेशवासियों को दी बधाई
डिजिटल इण्डिया को मजबूती देने के लिए हो रहा काम
राज्य सरकार केन्द्र सरकार के डिजिटल इण्डिया पहल को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर नकद प्रबंधन एवं सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली के लिए जस्ट इन टाईम मॉडल डिजिटल इण्डिया एवं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर को सहयोग प्रदान करता है। तकनीक आधारित रिफॉर्म और सुशासन तीव्र आर्थिक विकास वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट वक्तव्य में शामिल स्ट्रैटेजिक स्तंभों में से एक है।
