उमेश सिंह बशिस्ट - धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी नगर पंचायत क्षेत्र में स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्र सरकार की अमृत मिशन 2.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित नगरी जल प्रदाय योजना को नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ की स्थायी समिति से सशर्त स्वीकृति मिल गई है। इस योजना के तहत उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र की 0.972 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग कर पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में मिली स्वीकृति
यह निर्णय 19 जनवरी 2026 को आयोजित स्थायी समिति की 88वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने की। प्रस्ताव के अनुसार नगरी नगर पंचायत क्षेत्र में पाइपलाइन के माध्यम से जल प्रदाय योजना को लागू किया जाएगा, जिससे नागरिकों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए सख्त दिशा-निर्देश
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस स्वीकृति के साथ कई महत्वपूर्ण शर्तें भी लागू की हैं। निर्माण कार्य केवल दिन के समय किया जाएगा और पाइपलाइन की खुदाई मौजूदा सड़क के किनारे ही की जाएगी। कार्य पूर्ण होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रजातियों का पुनः रोपण किया जाएगा, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।
टाइगर रिजर्व क्षेत्र में विशेष सावधानियां
निर्देशों के अनुसार टाइगर रिजर्व के कोर या बफर क्षेत्र में श्रमिक शिविर स्थापित नहीं किए जाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में भारी मशीनरी के बजाय हाथ से खुदाई की जाएगी और कार्य समाप्त होने के बाद सभी गड्ढों को तुरंत भरकर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाएगा, ताकि वन्यजीवों को न्यूनतम व्यवधान हो।
नगरी सहित जिले में जल व्यवस्था मजबूत करने प्रयास
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि नगरी क्षेत्र के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए वन्यजीव बोर्ड से स्वीकृति मिलना सकारात्मक प्रगति है और परियोजना के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
अन्य क्षेत्रों में भी पेयजल परियोजनाएं
कलेक्टर ने बताया कि जिले में नगरी के अलावा धमतरी, मगरलोड, भखारा और कुरूद क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। धमतरी में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट संचालित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में लगभग तीन लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की क्षमता विकसित की जा रही है। इसके साथ ही नए ओवरहेड टैंक निर्माण की भी तैयारी चल रही है।
भखारा और कुरूद में 32 करोड़ की परियोजना
भखारा और कुरूद क्षेत्रों में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य शासन से लगभग 32 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं के माध्यम से वर्तमान आबादी से लगभग दोगुनी जनसंख्या को भविष्य में पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके लिए महानदी की मुख्य नहर से जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है।
राज्य सरकार का बुनियादी सुविधाओं पर जोर
राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छ पेयजल, बेहतर आधारभूत ढांचा और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य किए जा रहे हैं।