उमेश सिंह- धमतरी। धमतरी के मां अंगारमोती मंदिर प्रांगण में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह ने एक बार फिर सामाजिक एकता और परंपरा की खूबसूरत मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित इस भव्य समारोह में 63 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जिनमें 8 जोड़े अन्य समाज के भी शामिल रहे।
रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ विवाह
इस पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक और उत्साह का माहौल देखने को मिला। समारोह में वर-वधू पारंपरिक वेशभूषा में सजे नजर आए और रीति-रिवाजों के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। ढोल-नगाड़ों, मांदर की थाप और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच पूरा वातावरण आनंद और उल्लास से सराबोर रहा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, परिजन, जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और व्यवस्थाएं भी सुव्यवस्थित रहीं।
महापौर रामू रोहरा विशेष रूप से गंगरेल पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए और नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत प्रदान करती है। यह योजना न केवल बेटियों के विवाह में सहयोग करती है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी मजबूत बनाती है।
महापौर ने कहा कि, सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और अनावश्यक खर्च को कम करते हैं। उन्होंने नवदंपतियों को आपसी प्रेम, विश्वास और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करने की सलाह दी।
आयोजक आदिवासी समाज की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि, ऐसे आयोजन न केवल संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी नवदंपतियों को उपहार सामग्री वितरित की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ समारोह का समापन हुआ।