धमतरी जिले के डुबान प्रभावित दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को राहत देते हुए कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए लिंक कोर्ट सुविधा शुरू करने की घोषणा की है।

उमेश सिंह बशिस्ट- धमतरी। जिले के डुबान प्रभावित दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए लिंक कोर्ट सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। ग्राम अकलाडोंगरी के दौरे के दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद के बाद लिया गया यह निर्णय अब धरातल पर लागू किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके ही क्षेत्र में सहज, सुलभ, त्वरित और पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराना है। अब अकलाडोंगरी सहित आसपास के गांवों के लोगों को अपने राजस्व मामलों के समाधान के लिए जिला मुख्यालय धमतरी तक बार-बार नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी, साथ ही प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।

अधिकारी मौके पर समस्याओं का करेंगे निराकण 
नई व्यवस्था के तहत सप्ताह में एक निर्धारित दिवस पर तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार संबंधित ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर लंबित प्रकरणों की सुनवाई करेंगे और मौके पर ही उनका निराकरण सुनिश्चित करेंगे। यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीणों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, जो दूरी और संसाधनों की कमी के कारण समय पर न्याय नहीं पा पाते थे। 

लिंक कोर्ट की व्यवस्था इस प्रकार रहेगी

  • विकासखंड धमतरी (तहसील धमतरी)
  • स्थान: ग्राम पंचायत भवन अकलाडोंगरी
  • पीठासीन अधिकारी: अतिरिक्त तहसीलदार/नायब तहसीलदार
  • निर्धारित दिवस: प्रत्येक शुक्रवार
  • विकासखंड नगरी (तहसील बेलरगांव)
  • स्थान: ग्राम पंचायत भवन बोरई
  • पीठासीन अधिकारी: तहसीलदार/नायब तहसीलदार
  • निर्धारित दिवस: प्रत्येक गुरुवार

ये अधिकारी रहे उपस्थित 
इस दौरान एसडीएम पीयूष तिवारी, सीईओ जनपद वर्षा रानी, सरपंच, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लिंक कोर्ट की प्रक्रिया को नियमित, व्यवस्थित और प्रभावी रूप से संचालित किया जाए तथा ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इसका लाभ उठा सकें।

डुबान प्रभावित क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता 
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता दूरस्थ एवं डुबान प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास और न्याय की समान पहुंच सुनिश्चित करना है। लिंक कोर्ट की यह पहल प्रशासन की जन-केन्द्रित सोच और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। घोषणा के बाद ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखा गया और उन्होंने इस पहल का स्वागत किया।