रोशन चौहान-सुकमा। बस्तर संभाग के सुकमा जिले के अंतर्गत कोंटा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पदस्थ अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद के विरुद्ध पदीय कर्तव्यों में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर अमित कुमार ने सख्त कार्रवाई की है।
मिली जानकारी के अनुसार, 17 मार्च को विद्यालय में निवासरत कक्षा 10वीं की एक छात्रा के स्वास्थ्य संबंधी सूचना प्राप्त होने पर प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। जांच दल ने 20 मार्च को प्रस्तुत प्रतिवेदन में अधीक्षिका द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि की गई। जांच प्रतिवेदन के अनुसार संस्था के सुचारू संचालन में कमी पाई गई और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई।
माहेश्वरी निषाद को किया गया निलंबित
उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत पाए जाने पर कलेक्टर अमित कुमार ने माहेश्वरी निषाद (मूल पद: प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला ओडडीनगुड़ा) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा नियत किया गया है। साथ ही, आगामी आदेश तक विद्यालय के संचालन का प्रभार सहायक अधीक्षिका को सौंपा गया है।
छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि, शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा एवं संस्थागत अनुशासन के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।