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सरगुजा लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी शशि सिंह के खिलाफ पूर्व उपमहापौर गजराज पगारिया ने जमीन कब्जा का आरोप लगाया है। जबकि शशि सिंह के परिजनों का कहना है कि, यह चुनावी आरोप है और जमीन के सारे पेपर उनके पास हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेसियों में आपसी कलह खुलकर सामने आ गई है। एक ओर तो कांग्रेस ने दिवंगत पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की पुत्री शशि सिंह को सरगुजा से अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस के ही एक राजधानी रायपुर के नेता पूर्व उप महापौर गजराज पगारिया ने शशि सिंह पर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर थाने में शिकायत की है। उन्होंने शशि सिंह, और उनकी मां पुष्पा देवी सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत की है और कार्रवाई की मांग की है।

वहीं लोकसभा चुनाव के बीच पूर्व उपमहापौर गजराज पगारिया के आरोपों की राजनीतिक हल्कों में खूब चर्चा हो रही है। दिवंगत पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की पुत्री शशि सिंह को कांग्रेस सरगुजा लोकसभा से अपना प्रत्याशी बनाया है। वे अपना नामांकन भी दाखिल कर चुकी हैं और उनका चुनाव प्रचार जोरों-शोरों से चल रहा है। चुनावी प्रचार के बीच रायपुर के पूर्व उपमहापौर गजराज पगारिया दो दिन पहले राजेन्द्र नगर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत की है। जिसमें उन्होंने दिवंगत पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की पत्नी पुष्पा देवी और उनकी पुत्री शशि सिंह पर अपनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। 

पगारिया की नीयत पर उठाए सवाल

पूर्व उप महापौर के इस आरोप से तुलेश्वर सिंह के परिजन काफी हैरान हैं। मिडिया से बातचीत के दौरान उनके परिवार के एक सदस्य ने बताया कि, जमीन के सारे दस्तावेज उनके पास हैं। किसी तरह के जबरन कब्जे का सवाल ही पैदा नहीं होता है। इस मामले में जब उनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे तो वो अपना पक्ष रख देंगे। वहीं दिवंगत पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह के परिवार से जुड़े लोग गजराज पगारिया के आरोप लगाने की टाइमिंग और नीयत पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। वे इन तमाम आरोपों को कांग्रेस प्रत्याशी शशि सिंह की छवि खराब करने की कोशिश बता रहे हैं। 

पूर्व उपमहापौर बोले- 2001 में खरीदी थी जमीन 

इस मामले में उप महापौर गजराज पगारिया ने अपनी शिकायत में कहा है कि, टिकरापारा इलाके में उन्होंने 4,275 वर्गफीट जमीन मोहनलाल जैन पिता तुलसी जैन से 29 मार्च 2001 में खरीदी थी। बाद में उन्होंने ये जमीन 4 मार्च 2003 को पुष्पा देवी सिंह पति तुलेश्वर सिंह को बेच दी थी। जमीनी पेपर्स के आधार पर 18 मई 2004 को उन्होंने जमीन का नामांतरण करा लिया था। पुष्पा देवी सिंह ने उक्त जमीन के आधार पर फिर से नामांतरण के लिए 10 मार्च 2022 को तहसीलदार के समक्ष आवेदन भी प्रस्तुत किया था। 

कोर्ट जाएंगे गजराज पगारिया 

अपनी शिकायत में गजराज पगारिया ने आगे कहा कि, उनके नाम पर एक अन्य जमीन भी है, जिसका रकबा 2500 वर्गफीट था। जिसे हरीश कुमार वासवानी से खरीद कर स्वामित्व और आधिपत्य प्राप्त किया। उसे पुष्पा देवी सिंह द्वारा उक्त विक्रय पत्र के माध्यम से 2500 वर्गफीट को भी 8 जुलाई 2022 को अपने नाम पर दर्ज करवा लिया गया और यह कार्य आपराधिक कृत्य है। हालांकि, यह भी आरोप लगाया गया है कि, पुष्पा देवी की पुत्री शशि सिंह द्वारा राजनीतिक दबाव डालकर सारा कार्य कराया गया है। उन्होंने इस मामले पर कार्रवाई कर सक्षम न्यायालय से दंडित कराने का आग्रह किया है। इस पूरे मामले में राजेन्द्र नगर टीआई ने मिडिया को बताया कि, पगारिया ने जमीन संबंधित शिकायत की है और हमारे द्वारा इसका परीक्षण किया जा रहा है। 

कांग्रेसी बोले- भाजपा के हाथों में खेल रहे पगारिया 

वहीं दूसरी तरफ चुनाव के बीच में कांग्रेस नेता गजराज पगारिया द्वारा अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ आरोप लगाकर उनके लिए मुश्किलें खड़ी करने की बात कह रहे हैं। पार्टी के कुछ नेता अनौपचारिक चर्चा में यह कहने से नहीं चूक रहे हैं कि, पगारिया भाजपा के हाथों में खेल रहे हैं। जबकि शशि सिंह के नाम पर जमीन ही नहीं है। बावजूद इसके उनके नाम पर शिकायत की गई है। बहरहाल, चुनाव प्रचार के बीच में रायपुर का जमीन विवाद की गूंज अंबिकापुर तक सुनाई दे सकती है।
 

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