रायपुर। राजधानी रायपुर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित उचित मूल्य की दुकानों में चावल, शक्कर से लेकर नमक की आपूर्ति समय पर नहीं की जा रही है। इसके कारण एक ओर जहां कार्ड धारकों को राशन दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दुकान संचालकों को भी परेशानी हो रही है। दुकानों में खाद्यान्न नहीं पहुंचने के कारण कई संचालकों और हितग्राहियों के बीच विवाद भी हो रहा है, जिसकी शिकायतें खाद्य विभाग तक पहुंच रही हैं।
इधर, इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम रायपुर की अधिकारी का भी कहना है कि ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की गाड़ियां समय पर तथा कम संख्या में उपलब्ध कराए जाने के कारण ही आपूर्ति प्रभावित होती है। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को समय पर तथा डिमांड के अनुसार गाड़ी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद भी जितनी गाड़ियां गोदामों में लगानी होती हैं, उतनी नहीं भेजी जा रही हैं।
केस: 1
आईडी क्रमांक 6017 में चावल और शक्कर दोनों नहीं है। इसके कारण दुकान से हितग्राहियों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
केस: 2
आईडी क्रमांक 1277 में भी एपीएल और बीपीएल दोनों चावल नहीं है।
केस:3
आईडी क्रमांक 1064 में चावल, शक्कर के अलावा नमक भी नहीं है।
केस: 4
आईडी क्रमांक 1288 में शक्कर नमक नहीं है।
केस: 5
जाईडी क्रमांक 1322 में एपीएल, बीपीएल चावल नहीं है।
केस: 6
आईडी क्रमांक 1292 में शक्कर, नमक नहीं है।
एक दिन में 5 गाड़ी ही भेज रही ट्रांसपोर्ट एजेंसी
गोदाम नान मंदिर हसौद प्रभारी संगीता सिंह ने बताया कि, ट्रांसपोर्ट एजेंसी एक दिन में छोटी 5 गाड़ी ही भेज रही है, जबकि छोटी-बड़ी मिलाकर 12 गाड़ी भेजना है। ये गाड़ियां प्रतिदिन दो फेरे लगा रही हैं। इससे लगभग 10 से 12 दुकानों में ही खाद्यान्न की आपूर्ति की जा रही है।
पूरी गाड़ी लगाना चाहिए
छत्तीसगढ़ पीडीएस संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना ने बताया कि, ट्रांसपोर्टर एजेंसियों को पूरी गाड़ी लगाना चाहिए, ताकि राशन दुकानों में समय पर खाद्यान्न की सप्लाई हो सके। इससे हितवाहियों को भी खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा।
रायपुर जिले की राशन दुकानों में चावल के साथ शक्कर-नमक गायब
जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की कई राशन दुकानों में चावल और शक्कर दोनों गायब है। चावल और शक्कर की सप्लाई नहीं होने का मुख्य कारण ट्रांसपोर्टिंग बतायी जा रही है। खाद्यान्न की ट्रांसपोर्टिंग के लिए जिले में होरा और तब्बू ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को ठेका दिया गया है। ये दोनों ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को पिछले कई वर्षों से लगातार नागरिक आपूर्ति निगम के खाद्यान्न सप्लाई करने का ठेका दिया जा रहा है। यहीं कारण है कि अब दोनों एजेंसियों के संचालकों द्वारा भी वाहन भेजने में भी मनमानी की जा रही है, जिसके कारण राशन दुकानदार और हितग्राही दोनों परेशान हो रहे हैं।
समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही
छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम रायपुर के डीएम हेलेना तिग्गा ने बताया कि, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों द्वारा गाड़ियां समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं, जिसके कारण राशन दुकानों में आपूर्ति कराने में दिक्कत आ रही है।
डीओ काटने में देर, कटने के बाद भी समय पर आपूर्ति नहीं
राशन दुकान संचालकों के डिमांड के अनुसार डीओ काटा जाता है। डीओ कटने के बाद 7 से 10 दिनों के भीतर संबंधित दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण किया जाता है, लेकिन पिछले महीने भर से जिले में राशन दुकानदारों के डिमांड किए जाने के बाद भी डीओ काटने में जहां देरी की जा रही है, वहीं डीओ काटने के बाद भी निर्धारित समय-सीमा में खाद्यान्न की आपूर्ति दुकानों में नहीं की जा रही है।
डिमांड से आधी से भी कम गाड़ियां लगाई जा रहीं
अनुबंध के तहत ट्रांसपोर्ट कंपनियों को छोटी-बड़ी वाहन मिलाकर लगभग 12 वाहन प्रत्येक गोदाम में उपलब्ध कराया जाना है। इसके तहत गुढ़ियारी, मंदिर हसौद, धरसींवा एवं मनपुरी गोदाम में बमुश्किल से 4 से 5 गाड़ी ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके कारण जहां डीओ काटने में देरी की जा रही है, वहीं डीओ कटने के बाद भी समय पर राशन दुकानों में खाद्यान्न भी भेजा नहीं जा रहा है।
