केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मई में 10वीं की दूसरी बार आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है।

रायपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मई में 10वीं की दूसरी बार आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। बोर्ड की ओर से स्कूलों को जारी इस सर्कुलर में लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स जमा करने की प्रक्रिया और दिशा-निर्देश दिए हैं। बोर्ड के अनुसार, मई 2026 में 10वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षा का उद्देश्य छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार का एक और अवसर देना है। छात्र अधिकतम तीन विषयों में ही सुधार परीक्षा दे सकेंगे।

सीबीएसई ने 25 जून 2025 को इस नीति की घोषणा की थी। इसके तहत कक्षा 10 के छात्रों को पहले मुख्य (फरवरी-मार्च) परीक्षा देनी होगी। इसके बाद जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे मई 2026 में आयोजित होने वाली सेकेंड बोर्ड परीक्षा में शामिल होकर अपने रिजल्ट को बेहतर कर सकते हैं। सीबीएसई ने एलओसी जमा करने के लिए तीन चरण तय किए हैं। पहला चरण 18 मार्च से 31 मार्च तक, दूसरा चरण मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित होने के अगले दिन से 5 दिन तक और तीसरा चरण परिणाम घोषित होने के 7वें दिन से 2 दिन तक रहेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अंतिम दिन रात 11:59:59 बजे तक ही पोर्टल खुला रहेगा। समय सीमा के बाद कोई मौका नहीं दिया जाएगा।

विषय बदलने की अनुमति नहीं
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा में विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी। केवल गणित के मामले में नीति के अनुसार कुछ सीमित छूट दी जा सकती है। इसके अलावा छात्र के डेटा में भी कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। एक महत्वपूर्ण निर्देश यह भी है कि इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन) में सुधार का कोई विकल्प नहीं होगा। यह सालभर की प्रक्रिया होती है, इसलिए इसमें बदलाव की अनुमति नहीं दी गई है। 300 रुपए प्रति विषय के अनुसार छात्रों को भुगतान करना होगा। विलंब शुल्क के रूप में 2000 रुपए अतिरिक्त देना होगा। फीस केवल ऑनलाइन माध्यम से ही जमा होगा।

ये छात्र नहीं हो सकेंगे शामिल
सीबीएसई ने सेकेंड बोर्ड परीक्षा के लिए पात्रता की शर्तें भी स्पष्ट कर दी हैं। इसके अनुसार, छात्र का मुख्य परीक्षा में बैठना अनिवार्य है। छात्र ने कम से कम कम से कम 3 विषयों में परीक्षा दी हो। उत्तीर्ण छात्र अधिकतम 3 विषयों में सुधार कर सकते हैं। कंपार्टमेंट वाले छात्र भी इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि, जिन छात्रों ने 3 या उससे ज्यादा विषयों में परीक्षा नहीं दी है या फेल हुए हैं, वे सेकेंड बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। ऐसे छात्रों को अगले साल फरवरी में मुख्य परीक्षा देनी होगी।