बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले का साजा विकासखंड इस बार नवोदय परीक्षा में बड़ी सफलता के साथ सामने आया है। यहां से 43 छात्रों का चयन हुआ है, जो पूरे जिले में सबसे ज्यादा है। यह उपलब्धि क्षेत्र के शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास तथा विशेष तैयारी मॉडल का प्रमाण है।
सिस्टमेटिक तैयारी से मिली सफलता
साजा विकासखंड में नवोदय परीक्षा की तैयारी एक सुनियोजित व्यवस्था के तहत की जाती है। यहाँ बच्चों को एक ग्रुप तथा एकीकृत क्लास मॉडल के माध्यम से जोड़ा जाता है। सभी शिक्षक सामूहिक तालमेल बनाकर विद्यार्थियों को निरंतर दिशा देते हैं। इस विधि का परिणाम इस वर्ष स्पष्ट दिखा- सबसे अधिक 43 बच्चों ने नवोदय प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की।

व्हाट्सएप ग्रुप मॉडल का असर
शिक्षकों ने नवोदय तैयारी के लिए एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किया। इसमें विद्यार्थियों को नियमित प्रश्न भेजे जाते थे, शिक्षक मार्गदर्शन देते थे और अभिभावकों को भी प्रेरित किया जाता था। लगातार संवाद और प्रैक्टिस के इस मॉडल ने बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाया और परिणाम ऐतिहासिक रहे।
किन शिक्षकों का रहा योगदान
इस सफलता में डोगेंद्र कुमार वर्मा, विशेषर नेताम, देवलाल साहू, मुकेश वर्मा, रेवा राम जंघेल, दीपिका वर्मा, आशुतोष चौबे, धर्मेंद्र देवांगन और कल्याण दास बंजारे का विशेष योगदान रहा। इन शिक्षकों ने समय और ऊर्जा लगाकर बच्चों को निरंतर तैयारी कराई और उनके प्रदर्शन को मजबूत किया।
अधिकारियों ने दी बधाई
विकासखंड शिक्षा अधिकारी साजा निलेश चंद्रवंशी ने सभी चयनित विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सतत प्रयास आगे भी जारी रहना चाहिए ताकि और अधिक बच्चे नवोदय में पहुंच सकें। विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक खोमलाल साहू ने भी शिक्षकों की मेहनत को सराहा और कहा कि एक शिक्षक का मूल दायित्व छात्रों को आगे बढ़ाना और उनके भीतर छिपे हुनर को सही दिशा देना होता है।
पूरे जिले के लिए बना मॉडल
साजा का यह सामूहिक प्रयास अब पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गया है। शिक्षक-विद्यार्थी-अभिभावक के त्रिकोणीय समन्वय ने साजा को नवोदय चयन में जिले का अग्रणी विकासखंड बना दिया है। यह साजा ब्लॉक के लिए अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।








