बसना के धान घोटाला मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार को सरायपाली पुलिस ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

मनहरण सोनवानी- बसना। छत्तीसगढ़ के बसना के धान घोटाला मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार को सरायपाली पुलिस ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों ​अमरकोट धान उपार्जन केन्द्र में करोड़ों के गबन मामले के आरोपी हैं और लंबे समय से फरार चल रहे थे। 

बताया जाता है कि, इन दोनों आरोपियों ने शासन को 1 करोड़ 65 लाख 80 हजार 908 रुपये का चूना लगाया था। भौतिक सत्यापन में 11,416 बोरी धान कम पाई गई थी। केंद्र प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव और बारदाना प्रभारी तेजराम पटेल सलाखों के पीछे हैं। वहीं एक आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र पटेल पहले ही कर सरेंडर चुका है। लंबे समय बाद सायबर सेल और तकनीकी सहायता से पुलिस ने आरोपियों को खोज निकाला। 

कुछ महीने पहले हुई थी FIR 
उल्लेखनीय है कि, धान उपार्जन केन्द्र पिरदा में धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर प्रभारी एवं राईस मिलर्स के खिलाफ थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, 30 दिसम्बर को रात करीब 10:30 बजे उपार्जन केन्द्र पिरदा के प्रभारी रोहित पटेल एवं मालती राईस मील के मालिक के द्वारा वाहन क्रमांक CG06 GR 8702 मेटाडोर से 130 बोरा पुराना एवं गुणवत्ताहीन धान को उपार्जन केन्द्र पिरदा में स्टेकिंग कर खपाने हेतु रखा गया था। यह धान खरीदी निति के विरूद्ध है। इस प्रकार शासन को करीबन 1,23,000 रूपये की क्षति पहुंचाई गई। 

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