बलौदा बाजार में डीके कॉलेज मैदान निर्माण कार्य की वजह से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे खिलाड़ियों में खेल मैदानों की कमी को लेकर गहरी नाराजगी है।

कुश अग्रवाल - बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में खेल के प्रति उत्साह रखने वाले युवाओं, खेल प्रशिक्षुओं और विद्यार्थियों में भारी निराशा है। क्रिकेट और फुटबॉल खेलने के लिए शहर में पहले से ही मैदानों की कमी थी, ऐसे में डीके कॉलेज के पीछे स्थित एकमात्र बड़ा मैदान भी अब जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य की वजह से खराब हो गया है।

निर्माण कार्य से मैदान की स्थिति बदतर
डीके कॉलेज परिसर में नए भवन के निर्माण और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही ने मैदान को पूरी तरह उखाड़ दिया है। जगह-जगह रेत-गिट्टी बिखरी होने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे खेल गतिविधियां लगभग असंभव हो गई हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि, समतलीकरण मशीनों का थोड़ा उपयोग कर मैदान को फिर से खेलने लायक बनाया जा सकता है।

खिलाड़ियों की प्रशासन से गुहार
इस गंभीर समस्या को देखते हुए खिलाड़ियों ने कलेक्टर दीपक सोनी से मैदान को समतल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब स्पोर्ट्स स्टेडियम में रनिंग ट्रैक निर्माण के लिए संसाधन मौजूद हैं, तो उन्हीं मशीनों से डीके कॉलेज मैदान को भी पुनर्जीवित किया जा सकता है।

शहर में मैदानों की भारी कमी
चक्रपाणि स्कूल मैदान के बाद डीके कॉलेज मैदान ही शहर में खेलने योग्य बड़ा मैदान था। यहां सरकारी कार्यक्रम भी नियमित तौर पर होते रहते हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि बलौदा बाजार में खिलाड़ियों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। उनका यह भी सुझाव है कि भविष्य में यह स्थान हेलीपैड के रूप में भी उपयोगी हो सकता है, इसलिए मैदान का संरक्षण अत्यंत जरूरी है।

जनसहयोग की अपील
खेल प्रेमियों ने कलेक्टर, खेल विभाग और कॉलेज प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर मैदान को बचाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि डीके कॉलेज मैदान का अस्तित्व बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को खेल का अवसर मिलता रहे। अब देखना है कि प्रशासन खिलाड़ियों की मांग पर क्या निर्णय लेता है।