योग आयोग से फाइलें गायब: जनसूचना अधिकारी ने लिखा- सूचना छिपाई जा रही

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के योग आयोग में इस समय एक नया विवाद सामने आ रहा है। बताया गया है कि आयोग में आयोजनों पर खर्च की गई राशि का ब्योरा फाइलें न मिलने की वजह नहीं मिल पा रहा है। आयोग के जनसूचना अधिकारी ने लिखित में आवेदन देकर कहा है कि सहायक लेखाधिकारी संबंधित नस्तियों को कार्यालय में न रखकर अपने पास रखे हुए हैं। आयोग के कार्यालय में सूचना का अधिकार एवं आवक-जावक पंजी उपलब्ध नहीं होने के कारण दफ्तर के कार्यों के संचालन में अवरोध उतपन्न हो रहा है।
इस मामले की एक शिकायत से यह बात सामने आई शिकायत से यह बात सामने आई है कि 21 जन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एवं अन्य आयोजनों के के नाम पर लाखों रुपए के चेक बिना विधिवत अनुमति और लेखा अभिलेख के जारी किए गए हैं, जबकि संबंधित नस्तियां और भुगतान से जुड़े दस्तावेज कार्यालय से गायब हैं। बताया गया है कि आयोग के तत्कालीन सहायक वर्ग 3 महेंद्र सिंह ने 21 मई 2025 को लिखे पत्र में स्पष्ट रुप से कहा है कि कार्यालय की कोई भी नस्ती उनके संरक्षण में नहीं है और कई जरुरी फाइलें जैसे भंडार पंजी, आवेदन पत्र, योग दिवस आयोजन से जुड़ी नस्तियां कर्मचारियों ने अपने पर रख ली हैं। इन नस्तियों की मांग करने पर भी कार्यालयी कर्मियों द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है।
सूचना नहीं दे पा रहे हैं जनसूचना अधिकारी
इस पत्र के बाद आयोग के जनसूचना अधिकारी रविकांत कुमार ने 4 जुलाई 2025 को सचिव को भेजे गए पत्र में कहा है कि जब भी कार्यालयीन फाइलें मांगी जाती हैं, तो कहा जाता है कि उपलब्ध नहीं है या अधूरी है और जानकारी देने से मना कर दिया जाता है। उन्होंने ये भी कहा है कि उनके पास 10 से अधिक सूचना के अधिकार अधिनियम के आवेदन विचाराधीन हैं, लेकिन फाइलें न मिलने से आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराने में असुविधा एवं विलंब हो रहा है।
