नवीन पाठय पुस्तक पर प्रशिक्षण: एसआरजी बोले- यह खोजी प्रवृत्ति और रचनात्मक सोच को प्रभावशाली बनाने पर देती है जोर

नवीन पाठय पुस्तक पर प्रशिक्षण : एसआरजी बोले- यह खोजी प्रवृत्ति और रचनात्मक सोच को प्रभावशाली बनाने पर देती है जोर
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प्रशिक्षार्थियों को जानकारी देते हुए एसआरजी पवन कुमार देवांगन

बेमेतरा जिले के सबसे बड़े शिक्षा संस्थान डाइट के प्राचार्य जे के घृतलहरे के मार्गदर्शन में नवीन पाठयपुस्तक पर आधारित प्रशिक्षण चल रहा है।

बेमेतरा। बेमेतरा जिले के सबसे बड़े शिक्षा संस्थान डाइट के प्राचार्य जे के घृतलहरे के मार्गदर्शन में साजा विकासखंड के तीनों केन्द्रों में नवीन पाठयपुस्तक पर आधारित प्रशिक्षण चल रहा है। इसी दौरान साजा विकासखंड में एफएलएन नवीन पाठ्यपुस्तक प्रशिक्षण केंद्र जोन थान खम्हरिया में 7 जनवरी को एससीईआरटी रायपुर से राज्य स्रोत व्यक्ति, FLN (Foundational Literacy and Numeracy)पवन कुमार देवांगन प्रशिक्षण के निरीक्षण किया। उनके आगमन से प्रशिक्षार्थियों में विशेष उत्साह और गंभीरता देखने को मिली।

निरीक्षण के दौरान एसआरजी पवन कुमार देवांगन ने अब तक प्रशिक्षण में हुई। विभिन्न चर्चाओं एवं गतिविधियों के संबंध में प्रशिक्षणार्थियों से प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। प्रशिक्षार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए एफएलएन के उद्देश्यों, शिक्षण विधियों और कक्षा-आधारित क्रियान्वयन से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए।


मौखिक भाषा पर की चर्चा
एसआरजी पवन कुमार देवांगन ने मौखिक भाषा विकास विषय पर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने बच्चों की प्रारंभिक कक्षाओं में भाषा विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए संवाद, कहानी, गीत, प्रश्नोत्तर एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पर बल दिया। उनके मार्गदर्शन से प्रशिक्षणार्थियों को कक्षा शिक्षण में व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा मिली। पवन कुमार देवांगन के विचारों को सभी प्रशिक्षार्थियों ने अत्यंत गंभीरता और रुचि के साथ सुना और प्रशिक्षण सत्र को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।

स्वयं और बच्चों को करें अपडेट
भविष्य वेधी शिक्षण के अन्तर्गत 6ब के बारे में बताते हुए कहा कि, स्वयं और बच्चों को समय के साथ-साथ अपडेट करने की आवश्यकता है। नवाजतन के 7 बिन्दुओं पर कार्य करते हुए नवीन पाठ्यपुस्तक को सरल एवं रूचिकर बना सकते हैं। नवीन पाठ्यपुस्तक बच्चों को कल्पना शील, खोजी प्रवृत्ति एवं रचनात्मक सोच को प्रभावशाली बनाने पर जोर देती है। संपूर्ण सत्र सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ और प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण का भरपूर आनंद लिया।

ये लोग रहे मौजूद
इस प्रशिक्षण में मास्टर टेनर्स पवन साहू, धर्मेन्द्र देवांगन, जीवन चंदेल, हरि केडिया, तोपसिंग साहू इन सभी के द्वारा भाषा शिक्षण के फोर ब्लॉक मॉडल मौखिक भाषा पर चर्चा किया गया। इस अवसर पर समस्त प्रशिक्षार्थी उपस्थित थे।

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