कोयला परिवहन पर तनाव: छत्तीसगढ़- ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों के बीच मारपीट के बाद टपरिया बार्डर सील

कोयला परिवहन पूरी तरह ठप, सैकड़ों ट्रक रास्ते में फंसे
रायगढ़। बीते कई दिनों से चल रहे तनाव के बीच छत्तीसगढ़- ओडिशा टपरिया बार्डर को आखिरकार सील कर दिया गया है। इससे दोनों प्रांत की गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से बंद करवा दी गई है। वहां से रायगढ़ जिले के प्लांटों के लिए कोयले की सप्लाई होती है। इसमें रायगढ़ और ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों की गाड़ियां चलती हैं। वर्चस्व को लेकर बीते साल से दोनों प्रांतों के ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद चल रहा है।
बीते रविवार को दोनों प्रदेश के ट्रांसपोर्टरों के बीच खूनी संघर्ष भी हो गया। इसमें कई लोगों को गंभीर चोटें भी आई हैं। विवाद और न बढ़े इसके लिए टपरिया बार्डर को दोनों प्रदेश के पुलिस ने सील कर दिया है। अभी गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। इससे जिले में संचालित प्लांटों में कोयले का संकट भी उत्पन्न हो सकता है। हालांकि प्लांट में कम से कम एक महीने का स्टॉक रखा जाता है। रायगढ़ के वाहन मालिक तमनार थाना पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 140 लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया।
रायगढ़ जिले में बीते कई दिनों से चल रहे तनाव के बीच दोनों प्रांत की गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से बंद करवा दी गई है। @RaigarhDist #Chhattisgarh pic.twitter.com/hidXNvXpHX
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 22, 2026
एसपी से मांग, जल्द कराएं गिरफ्तारी
मामले के बाद रायगढ़ और ओड़िशा से वाहनों का आना-जाना बंद हो गया है, जिससे प्लांट में ओडिशा से कोयला नहीं पहुंच पा रहा है। सोमवार की शाम वाहन मालिक एसपी से मिले और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि कुछ समय के लिए सील खोला गया था, जिससे रायगढ़ की फंसी गाड़ियां वापस आ गई और ओड़िशा की गाड़ियां लौटी हैं। इसके बाद फिर से बार्डर बंद कर दिया गया। इस रास्ते से हर दिन 1000 से ज्यादा गाड़ियां गुजरती थी। मामले के सुलझने तक बार्डर सील रहेगा।
छोटे-बड़े सभी प्लांटों में सप्लाई
जिले के दर्जनभर से अधिक छोटे-बड़े उद्योगों में ओडिशा से आने वाले कोयला की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई है। इसके पीछे वजह यह है कि ओडिशा और रायगढ़ के ट्रांसपोर्टरों के बीच लोडिंग को लेकर जंग छिड़ी रहती है। इस बीच कुछ लोगों ने एक ट्रांसपोर्ट संघ बना लिया और हर गाड़ी से 300 रुपए लेने का नियम बना दिया। इसी बात को लेकर कुछ ट्रांसपोर्टरों में आपत्ति की और देखते ही देखते बात मारपीट तक पहुँच गई। विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से सीमा को सील कर दिया है।
