सरगुजा में स्वास्थ्य सुविधा पर उठे सवाल: डेढ़ महीने में ही चार गर्भवती महिलाओं की गई जान, सूरजपुर से रिफर महिला की मेडिकल कालेज में मौत

मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला की मौत, स्वास्थ्य सुविधा पर उठे सवाल
संतोष कश्यप - अंबिकापुर। सूरजपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रसव सेवाओं की कमी के कारण 22 वर्षीय गर्भवती आदिवासी महिला की अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। डेढ़ माह में जिले में यह चौथी मातृ मृत्यु है।
रेफर के दौरान बिगड़ी महिला की हालत
जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले के कोट गांव की 22 वर्षीय आदिवासी महिला जगमनिया की तबीयत प्रसव के दौरान बिगड़ने लगी। सूरजपुर जिला अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण उसे तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

अत्यधिक रक्तस्राव बना मौत की वजह
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज पहुंचते-पहुंचते महिला की हालत गंभीर हो गई। अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई।
डेढ़ माह में चौथी मातृ मृत्यु, बढ़ी चिंता
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले डेढ़ महीने के भीतर सूरजपुर जिले में चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। प्रसव संबंधी आधुनिक सुविधाओं के अभाव में लगातार मातृ मृत्यु के मामले बढ़ रहे हैं।

सूरजपुर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में प्रसव की उन्नत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण महिलाओं को अंतिम समय में रेफर करना पड़ता है। कई मामलों में देर से रेफर होना जानलेवा साबित हो रहा है।

मंत्री के निर्देश भी बेअसर
विशेष बात यह है कि सूरजपुर जिले से ही छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आती हैं। उन्होंने कई बार व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अस्पतालों की स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है।
जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजनाओं की हालत दयनीयसरकारी स्तर पर चल रही जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजनाओं की स्थिति सूरजपुर में बेहद खराब बताई जा रही है। लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
