पुलिस की लापरवाही की पीड़ा मां ने भोगी: ढाई माह बाद बेटे का शव कब्र से निकालकर कर सकी अंतिम संस्कार

पुलिस की लापरवाही की पीड़ा मां ने भोगी : ढाई माह बाद बेटे का शव कब्र से निकालकर कर सकी अंतिम संस्कार
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ढाई महीने के इंतजार उपरांत आखिरकार एक मां को अपने बेटे के अंतिम संस्कार का मौका मिल सका।

सूरजपुर। ढाई महीने के इंतजार उपरांत आखिरकार एक मां को अपने बेटे के अंतिम संस्कार का मौका मिल सका। डीएनए टेस्ट में मृतक की शिनाख्त होने के बाद एसडीएम के निर्देश के बाद कब्र खोदकर शव बाहर निकाला और मां के सुपुर्द किया गया। इस दौरान मां ने अपने बेटे को कफन ओढ़ाकर नम आंखों से बेटे को विदाई दी। यह पूरा मामला थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर का है। बता दें कि 1 नवम्बर 2025 को मानपुर में रिंग रोड किनारे स्थित कुएं में एक युवक का शव मिला था इस दौरान मृतक की पहचान चन्द्रपुर निवासी पुरषोत्तम देवांगन उर्फ घाटा के रूप में की गई थी।

मृतक की शिनाख्त होने के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया जिसके बाद परिजन ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया लेकिन इस पूरे मामले में नया मोड़ उस वक्त आया जब जिस युवक को मृत समझकर परिजन ने उसका अंतिम संस्कार किया वह तीन दिनों के बाद लौट आया। युवक के लौट आने पर परिजन तो खुश हुए लेकिन इस घटना ने पुलिस की कार्य प्रणाली को सवालों के घेरे में डाल दिया। बिना सही तरीके से मृतक की पहचान किए शव किसी दूसरे के सुपुर्द कर दिया गया था। इधर दफन किए गए शव को लेकर महुआपारा निवासी महिला श्यामा देवांगन ने भी 6 नवंबर को दावा किया कि मृतक उसका पुत्र है। महिला ने चप्पल, कपड़ा और अंडर गारमेंट्स के आधार पर मृतक की शिनाख्त अपने बेटे किशन देवांगन के रूप में की थी जिसके बाद महिला शव को उनके सुपुर्द करने की मांग कर रही थी और लगातार कोतवाली के चक्कर लगा रही थी।

पिता के डीएनए से हुई पहचान
हालांकि एक बार कोतवाली पुलिस ने इतनी बड़ी लापरवाही कर दी थी जिसके बाद अधिकारी कोई और गलती नहीं करना चाहते थे इस लिए उन्होंने महिला के पति का बदल सैम्पल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा था। डीएनए सैम्पल लिए जाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं आने से एक मां अपने बेटे का शव हासिल करने और उसके अंतिम संस्कार को लेकर बेचैन थी और थाने के चक्कर लगा रही थी। इस दौरान पुलिस अधिकारी भी महिला को घुमाते रहे लेकिन कोई मदद नहीं मिल पाई। अब 7 जनवरी की रात डीएनए रिपोर्ट आया जिसमें मृतक किशन देवांगन व उसके पिता केश्वर देवांगन के डीएनए मैच हो गए और महिला के दावों की पुष्टि हुई। मृतक की पहचान होने के बाद मृतक की मां श्यामा देवांगन ने 8 जनवरी को एसडीएम के समक्ष आवेदन पेश किया जिसके बाद एसडीएम शिवानी जायसवाल ने कब्र खोदकर शव महिला के शिवानी जायसवाल ने कब्र खोदकर शव महिला के सुपुर्द करने हेतु नायब तहसीलदार इसराईल अंसारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। इस दौरान तहसीलदार की मौजूदगी में शव खोदकर महिला के सुपुर्द किया गया।

मां ने नम आंखों से दी विदाई अपने बेटे के शव को
हासिल करने और उसे सम्मानजनक विदाई देने के लिए भटक रही महिला को जब उसके बेटे का शव सुपुर्द किया गया तो उसकी आंखें भर आई। बड़ी बात यह है कि महिला दूसरों के घरों में झाड़-पोछा कर परिवार का पेट पालती है जबकि उसका पति दिव्यांग है और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। महिला श्यामा देवांगन ने ही अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया। उसे नम कफन ओढ़ाकर नम आंखों से विदाई दी।

परिजन के सुपुर्द
नायब तहसीलदार इसराईल अंसारी ने बताया कि, एक अज्ञात शव मानपुर स्थित कुएं में मिला था। मृतक की शिनाख्त एक परिवार द्वारा की गई। पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया था। शिनाख्ती किए गए परिवार का युवक जीवित निकला। इस दौरान एक अन्य गुमशुदा व्यक्ति के परिजन ने शव पर दावा किया था। इस लिए डीएनए टेस्ट कराया गया। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जिसके बाद शव उत्खनन कराकर परिजन के सुपुर्द किया गया है।

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