सागौन प्लांटेशन में आग: वन विभाग के कार्यालय से महज 100 मीटर दूर 24 घंटे तक धधकती रही आग, अफसरों को खबर तक नहीं

करन साहू- बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय से महज 100 मीटर दूरी पर स्थित सागौन प्लांटेंशन में आग लग गई। इस आग से सैकड़ों हरे पौधे, सागौन के पेड़ और अन्य वनस्पतियां जल गई हैं। लेकिन इसके बावजूद वन विभाग के रेंजर एवं अन्य कर्मचारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। न ही अपने उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया है। कुल मिलाकर इस आगजनी को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी कर्मियों की सफाई के दौरान आग लगने की आशंका
वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि, प्राथमिक तौर पर यह जानकारी निकलकर आई है कि, सड़क किनारे पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों के द्वारा सफाई का कार्य किया जा रहा है। इसी दौरान कर्मचारियों के द्वारा आग लगाकर सफाई करने के दौरान सागौन प्लांट के अंदर घुस गई, जिसकी वजह से काफी नुकसान हुआ है। लेकिन उनके द्वारा उच्च अधिकारियों को इस बात से अवगत ना करना संदेह के दायरे में है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में वन अमला कितना चौकन्ना है, इसकी बानगी बिलाईगढ़ वन परिक्षेत्र में देखने को मिली है। यहां विभागीय दफ्तर से महज सौ मीटर दूर सागौन रोपणी जलती रही, लेकिन आग बुझाने कोई नहीं पहुंचा। @SarangarhDist @ForestCgGov #Chhattisgarh #Fire #TeakTree pic.twitter.com/CRDd9nWCZN
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 30, 2026
बीट गार्ड क्या कर हरा था?
कहीं ना कहीं बीट गार्ड की भी यहां पर लापरवाही सामने आई है। 24 घंटे तक यहां आग की लपटें देखी गईं, लेकिन कार्यालय से 100 मीटर दूर होने के बावजूद संबंधित रेंजर एवं कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास भी नहीं किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उक्त मामले पर जिम्मेदार अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

आगजनी से अफसर अनभिज्ञ
वहीं उक्त मामले में जब हमने वन विभाग के एसडीओ अमिता गुप्ता से बात करने पर उन्होंने हैरान करने वाला जवाब दिया। उनको तो इस बात की खबर ही नहीं थी। इसके बाद जब हमने सारंगढ़- बिलाईगढ़ के डीएफओ अतुल अग्रवाल से बात की तब उनका कहना है कि, अभी तक रेंज ऑफिस से प्रतिवेदन नहीं आया है। न ही रेंजर के द्वारा डीएफओ को इस घटना की जानकारी प्रदान की गई है।
डीएफओ बोले- दोषी पर होगी कार्यवाही
हालांकि उक्त मामले में डीएफओ अग्रवाल का कहना है कि, मैं रेंजर से बात कर जानकारी लेता हूं और निश्चित ही उन्होंने कार्यवाही का आश्वासन दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि, इस लापरवाही में क्या कुछ जांच में निकल कर सामने आता है और जिम्मेदार पर क्या कुछ कार्रवाई होती है।
