मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों की शरारत: खड़ी मोटरसाइकिलों और स्कूटियों को लगा दी आग, स्थानीय लोगों में आक्रोश

आग में जलकर ख़ाक हुईं बाइक और स्कूटी
अक्षय साहू- राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र में स्थित मां शीतला माता मंदिर परिसर में एक सनसनीखेज और दुखद घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। बीती रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर में खड़ी कई मोटरसाइकिलों और स्कूटियों को आग के हवाले कर दिया। इस आगजनी की घटना से क्षेत्र में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर के आसपास रहने वाले भक्त और स्थानीय निवासी अपनी दोपहिया गाड़ियों को चोरी या अन्य खतरे से बचाने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में ही पार्क किया करते थे। मंदिर का परिसर उन्हें सुरक्षित और विश्वसनीय लगता था, क्योंकि यह धार्मिक स्थल होने के कारण लोगों का आस्था का केंद्र है। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाशों ने इस विश्वास को तोड़ते हुए कई वाहनों में आग लगा दिया। आग इतनी भीषण थी कि, कई वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए और कई अन्य क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से लोगों के आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भावनात्मक आघात भी पहुंचा है।

अब धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त करने लायक नहीं है। वे सवाल उठा रहे हैं कि, आखिर कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति है, जब कोई बिना किसी डर के मंदिर परिसर में खुलेआम आगजनी जैसा अपराध कर सकता है? यह घटना न केवल संपत्ति की हानि है, बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना को झकझोरने वाली है। लोग पूछ रहे हैं कि, क्या अब धार्मिक स्थलों पर भी वाहन पार्क करना सुरक्षित नहीं रहा?
आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। बसंतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर तत्काल जांच शुरू कर दी। टीम ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को जब्त किया है और उन्हें खंगाल रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह घटना किसी व्यक्तिगत रंजिश, बदले की भावना या संगठित अपराध का हिस्सा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
फिलहाल, क्षेत्रवासी शांतिपूर्ण तरीके से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि, पुलिस इस मामले को जल्द सुलझाए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगे। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए हैं कि, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
