CCM रामधेर सहित 12 नक्सलियों का समर्पण: MMC जोन का खात्मा, इन पर कुल 2.95 करोड़ का था ईनाम, 10 हथियार जमा

CCM मेंबर नक्सली रामधेर ने अपने 12 साथियों के साथ डाले हथियार
अक्षय साहू- राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पुलिस को नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में सोमवार को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन की महत्वपूर्ण MMC (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) जोनल कमेटी के सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर उर्फ होरूपु उर्फ देउ मज्जी (53 वर्ष) ने अपने 11 साथियों के साथ राजनांदगांव में हथियार डाल दिए। इन 12 नक्सलियों पर तीनों राज्यों में कुल 2 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सबसे बड़ा ईनाम रामधेर पर 1 करोड़ 5 लाख रुपये का था।
आत्मसमर्पण समारोह में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानंद सिन्हा, आईजी राजनांदगांव रेंज अभिषेक शांडिल्य, डीआईजी (नक्सल ऑपरेशन) आईटीबीपी अनवर ईलाही सहित रेंज के सभी एसपी मौजूद रहे। नक्सलियों ने 10 आधुनिक हथियार भी जमा किए जिनमें 3 AK-47, 1 SLR, 3 इंसास, 2 .303 रायफल और 1 .30 कार्बाइन रायफल शामिल हैं।

मुख्य आत्मसमर्पित नक्सली
1. रामधेर उर्फ देउ मज्जी (CCM, MMC जोन) – ₹1.05 करोड़
2. चंदू उर्फ नरेश (DVC सदस्य, टांडा-मलाजखंड) – ₹33 लाख
3. अनीता उर्फ ललीता (रामधेर की पत्नी, DVC) – ₹33 लाख
4. प्रेम उर्फ उमराव (DVC) – ₹33 लाख
5. जानकी उर्फ प्रेमा (DVC) – ₹33 लाख
इसके अलावा 2 एरिया कमेटी सदस्य (₹14 लाख प्रत्येक)
6. रामसिंह उर्फ सम्पत उर्फ संजय पिता ज्ञानसिंग उम्र 55 साल, ग्राम राशिमेटा तहसील बैहर थाना रूपझर,बालाघाट., मध्यप्रदेश एसीएम- 14 लाख।
7. सुकेष उर्फ रंगा पिता सन्नू उम्र 28 साल ग्राम पुसनार थाना गंगालूर, बीजापुर, छत्तीसगढ़ एसीएम- 14 लाख।
8. शीला उर्फ वैसंती उर्फ सेवंती पति विक्रम उम्र 29 साल ग्राम दोरनागुडा तहसील अट्टापल्ली थाना कसनसूर गढ़चिरौली, महाराष्ट्र पीएम- 06 लाख
9. लक्ष्मी उर्फ मनिता पति सुकेष उम्र 21 साल, ग्राम पुस्कर तहसील भैरमगढ़ थाना गंगालूर पीएम- 06 लाख
10. योगिता उर्फ लक्ष्क्षी पति सागर उम्र 22 साल, ग्राम बड़े बट्टू थाना बासेगुढा बीजापुर, छत्तीसगढ़ पीएम- 06 लाख
11. सागर उर्फ रैनू पिता वंजा उम्र 22 साल ग्राम बोगदेव तहसील ओरछा थाना कुकराझोर नारायणपुर, छत्तीसगढ़ पीएम- 06 लाख
12. कविता उर्फ मासे पिता उन्गा उम्र 21 साल, ग्राम कोन्डेसवेल थाना जगरगुण्डा, सुकमा, छत्तीसगढ़ पीएम- 06 लाख।

नई नीतियों ने किया प्रेरित
पुलिस के अनुसार, ये नक्सली माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा, वरिष्ठ नेताओं द्वारा शोषण, जबरन उगाही और लगातार सुरक्षा बलों के दबाव से तंग आ चुके थे। छत्तीसगढ़ शासन की नई 'आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025' की उदार शर्तों और गांव-गांव में चलाए जा रहे सिविक एक्शन प्रोग्राम, बैनर-पोस्टर-पांप्लेट के जरिए मिल रही जानकारी ने इन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
टूट रहा नक्सलियों का मनोबल
सुरक्षा बलों के निरंतर अभियान, बस्तर-राजनांदगांव क्षेत्र में सड़क-पुल-पुलिया, बिजली-पानी-मोबाइल नेटवर्क की बढ़ती पहुंच, नियद नेल्लानर जैसी योजनाओं से गांवों का तेज विकास और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जनसंपर्क ने नक्सलियों का मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया है। यही कारण है कि शीर्ष स्तर के माओवादी परिवार सहित हथियार डालकर सामने आ रहे हैं।
