धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़: डेविड चाको नामक व्यक्ति ने खोल रखा था अवैध आश्रम, निशाने पर थे नाबालिग बच्चे

लालबाग पुलिस स्टेशन राजनांदगांव
अक्षय साहू- राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क मिला है। ग्राम धर्मापुर में एक डेविड चाको नामक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थी।
विवेचना के दौरान पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी के परिसर से बड़ी संख्या में दस्तावेज, रजिस्टर, अभिलेख और अन्य सामग्री जब्त की गई। इनके प्रारंभिक परीक्षण से संकेत मिला है कि, कथित धर्मांतरण संबंधी गतिविधियां किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं थीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित हो रही थीं।
धर्मांतरण की गतिविधियां चलाने के लगाए गए थे गंभीर आरोप
जिले के थाना लालबाग अंतर्गत पुलिस चौकी सुकुलदेहन में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में ग्राम धर्मापुर स्थित एक व्यक्ति पर आश्रम या चर्च संचालित करने, नाबालिग बच्चों को वहां रखने और कथित रूप से धर्मांतरण की गतिविधियां चलाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता ने इन आरोपों के आधार पर कार्रवाई की मांग की थी। थाना लालबाग पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया और जांच शुरू की।

महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी जब्त
जांच में यह भी पता चला कि, यह नेटवर्क छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में फैला हुआ है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार सैकड़ों व्यक्तियों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी भूमिका की गहन जांच जारी है। पुलिस ने डेविड चाको के पास से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। इन उपकरणों से प्राप्त डिजिटल दस्तावेज, डेटा और प्रेजेंटेशन सामग्री से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
लेन-देन और धन के स्रोतों की भी हो रही जांच
इसके अलावा सोलर आधारित प्रोजेक्टर भी जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। ये उपकरण मुख्य रूप से उन दूरस्थ इलाकों में इस्तेमाल किए जाते हैं जहां बिजली की सुविधा नहीं पहुंचती। जब्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर कई अन्य व्यक्तियों के नाम भी जांच में सामने आए हैं। इन सभी को विधि अनुसार नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है। प्रकरण में वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोतों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि, आश्रम या चर्च संचालन के लिए धन कहां से आ रहा था, उसके स्रोत क्या हैं और क्या इसमें कोई अवैध या संगठित गतिविधि का कोण जुड़ा हुआ है।

इस मामले में अभी भी विवेचना जारी
राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि, पूरी जांच निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानूनी प्रावधानों के अनुसार की जा रही है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की विवेचना अभी भी जारी है और आगे के विकास पर नजर रखी जा रही है।
