ISRO मानकों पर बना प्रदेश का पहला अंतरिक्ष केंद्र: सीएम साय करेंगे भव्य लोकार्पण, एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला देंगे सैटेलाइट का प्रैक्टिकल ज्ञान

नवा रायपुर में लोकार्पित होता अत्याधुनिक अंतरिक्ष केंद्र
रायपुर। मंगलवार को अंतरिक्ष विज्ञान के एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है रायपुर। नवा रायपुर में प्रदेश का पहला अत्याधुनिक अंतरिक्ष केंद्र लोकार्पित किया जाएगा। इस अवसर पर भारत के गगनयान मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला विशेष रूप से छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन रायपुर, IDYM फाउंडेशन और सारडा एनर्जी के संयुक्त प्रयास से विकसित यह केंद्र छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान की वास्तविक और प्रायोगिक दुनिया से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अत्याधुनिक अंतरिक्ष केंद्र का लोकार्पण
नवा रायपुर के राखी क्षेत्र में स्थापित यह केंद्र प्रदेश का पहला ऐसा संस्थान होगा, जो ISRO के मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। आज सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस स्पेस सेंटर का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और मंत्री गुरु खुशवंत साहब भी शामिल होंगे।

'अंतरिक्ष संगवारी' प्रोजेक्ट की शुरुआत
लॉन्चिंग के साथ ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी की भी औपचारिक शुरुआत होगी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है-
- छत्तीसगढ़ के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ना
- सैटेलाइट निर्माण, परीक्षण और संचालन का वास्तविक अनुभव देना
- छात्रों में विज्ञान, नवाचार और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देना
सैटेलाइट निर्माण और मिशन कंट्रोल की सुविधा
केंद्र में अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी कई अत्याधुनिक सुविधाएं भी शामिल की गई हैं-
- क्लीन रूम लैब
- सैटेलाइट डिजाइन एवं निर्माण लैब
- ग्राउंड स्टेशन
- मिशन कंट्रोल सेंटर
यहां छात्र वास्तविक सैटेलाइट मिशन की कार्यप्रणाली को समझ सकेंगे।
गगनयान मिशन के शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ आगमन
पहली बार छत्तीसगढ़ आ रहे गगनयान मिशन के सदस्य शुभांशु शुक्ला इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण होंगे। वे इस प्रोजेक्ट के ब्रांड एंबेसडर भी होंगे, और छात्र उनसे सीधा संवाद, प्रेरणा और करियर मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। शुक्ला का आगमन राज्य के लिए गौरव और विज्ञान जगत के लिए उत्साह का विषय है।
भविष्य की पीढ़ी को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने की पहल
यह केंद्र पूरे प्रदेश में विज्ञान शिक्षा और स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति नई ऊर्जा और संभावनाओं को जन्म देगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि, आने वाले वर्षों में यह केंद्र छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी अंतरिक्ष शिक्षा हब के रूप में स्थापित करेगा।
