'मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान' शुरू: बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता घड़ी चौक में बैठे, एक दिन का रखा उपवास

धरने पर बैठे कांग्रेसी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के "मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान की शुरुआत आज से हो गई है। राजधानी रायपुर में प्रतीकात्मक विरोध के तहत एक दिन का उपवास रखा गया है। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता घड़ी चौक में सामूहिक उपवास में बैठे हैं। 25 फरवरी तक विभिन्न चरणों में प्रदर्शन किया जाएगा।
मनरेगा का नाम और योजना का स्वरूप बदलने को लेकर कांग्रेस हमलावर है। इसे लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत की। इसके तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पत्रकारवार्ता लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। राजधानी में गांधी मैदान स्थित कांग्रेस भवन में पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पत्रकारवार्ता लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने इस बदलाव को गरीब-मजदूरों के अधिकारों पर हमला करना बताया है।
ठेकेदारी व्यवस्था और मनमानी को देगी बढ़ावा
साहू ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर करने का काम कर रही है। उनका आरोप है कि मनरेगा से महात्मा गांधी के नाम को हटाने की साजिश न केवल राष्ट्रपिता का अपमान है, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
