छत्तीसगढ़ @ 25 राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन: विशेषज्ञों ने विकास और भविष्य पर रखे विचार, 25 वर्ष की यात्रा को बताया ऐतिहासिक

राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र में उपस्थित विशिष्ट अतिथि
रायपुर। शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, रायपुर के अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी छत्तीसगढ़ @ 25 : उपलब्धियां, चुनौतियां एवं भावी संभावनाएं का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक विकास से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने राज्य की 25 वर्ष की यात्रा पर विस्तृत चर्चा की।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में हुआ समापन सत्र
समापन सत्र में डॉ. टी. एल. वर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक (भूगोल) एवं प्रांत संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राजेश्री महंत श्री राम सुंदर दास, दूधाधारी मठ, रायपुर (पूर्व विधायक) की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। जहाँ डॉ. टी. एल. वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, विशेषकर पर्यावरण संरक्षण में राज्य की भूमिका अग्रणी रही है। अतिथियों ने संगोष्ठी को ज्ञानवर्धक व समसामयिक बताते हुए आयोजन की सराहना की।

महंत रामसुंदर दास का गूढ़ व प्रेरक उद्बोधन
महंत राजश्री रामसुंदर दास जी ने दूधाधारी बजरंग महाविद्यालय के ऐतिहासिक महत्व और उसकी शिक्षण परंपरा पर विस्तृत प्रकाश डाला। उनके वक्तव्य ने उपस्थित शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।
शोध-संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. किरण गजपाल, प्राचार्य एवं संरक्षक, ने की साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ विद्यार्थियों में शोध चेतना विकसित कर समाज को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होती हैं।
तकनीकी सत्र: छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल पर गहन विमर्श
दूसरे दिन के तकनीकी सत्रों में डॉ. टी. सी. गुप्ता, अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा ने छत्तीसगढ़ के सामाजिक-आर्थिक विकास पर अपने विचार रखे। और डॉ. आर. ब्रह्मे, प्राध्यापक, अर्थशास्त्र अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने आर्थिक संरचना, संसाधनों के सदुपयोग और भावी संभावनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
शोध-पत्र प्रस्तुतिकरण: विविध विषयों पर समृद्ध विमर्श
विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शोधार्थियों और शिक्षकों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इन शोध-पत्रों में इन विषयों पर सार्थक चर्चा हुई:
- छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था
- सामाजिक परिवर्तन
- विकास की चुनौतियां
- संसाधन प्रबंधन
आयोजन टीम का योगदान
संगोष्ठी के सफल आयोजन में मंच संचालन डॉ. कल्पना मिश्रा ने किया, वहीं डॉ. प्रीति कंसारा (संयोजक), डॉ. रितु मारवाह (स्वागत उद्बोधन), डॉ. अनिता दीक्षित, डॉ. कीर्ति श्रीवास, डॉ. मुक्ता मल्होत्रा, डॉ. नेहा दुबे, डॉ. भारती कुमेठी, डॉ. कार्तिक पटेल, मुस्कान श्रीवास्तव, वृंदावती, और कौशल सोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
