IIRS इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट: सीएम साय ने की मंडी शुल्क एक साल के लिए 0 प्रतिशत करने की घोषणा, बोले- हमारे यहां हजारों किस्म के चावल उपलब्ध

IIRS इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में सीएम विष्णु देव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो दिवसीय IIRS इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का समापन समारोह है। व्यापार, तकनीक, क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मौजूद रहे। सीएम श्री साय ने मंडी शुल्क एक साल के लिए 0 प्रतिशत करने की घोषणा की।
सीएम श्री साय ने कहा कि, इस साल सबमिट पहले से ज्यादा भव्य है। 6 देशों के एंबेसी प्रतिनिधि मौजूद हैं। 12 देशों से प्रतिनिधि और एक्सपर्ट आए हैं। राइस सेक्टर में मील का पत्थर साबित सबमिट होगा। APEDA कार्यालय का रायपुर में शुभारंभ हुआ। उन्होंने आगे कहा कि, दूसरे संस्करण का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना सौभाग्य का विषय है। धान की जितनी प्रजातियां छत्तीसगढ़ में हैं, उतनी कहीं और नहीं है। छत्तीसगढ़ में हजारों किस्म के चावल उपलब्ध हैं। मंडी शुल्क पहले जीरो प्रतिशत था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। एसोसिएशन ने फिर मांग की तो हम इस मंच से घोषणा करते हैं कि अगले एक साल के लिए मंडी शुल्क 0 प्रतिशत होगा।
इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट 2026 कार्यक्रम https://t.co/BBY6gSylAk
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 10, 2026
छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा धान की प्रजातियां
उन्होंने आगे कहा कि, बड़े गर्व का विषय है प्रदेश की पावन भूमि पर इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का आयोजन हो रहा है। ये दूसरे संस्करण का आयोजन हमारे छत्तीसगढ़ में हो रहा है। विदेशों से भी बायर्स और प्रतिनिधिगरण आए है, छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। जितनी प्रजाति धान की छत्तीसगढ़ में है इतनी कही भी नहीं है। यहां आयोजन में अनेकों स्टाल लगे हैं, जिसमें कई प्रजाति के चावल रखे गए हैं। आज के समय में आर्गेनिक चावल की ज्यादा डिमांड है। दंतेवाड़ा में आर्गेनिक खेती की जा रही है। लगातार हमारी सरकार किसानों को फायदा दे रही है। 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी कर रहे हैं।
