लोक शिक्षण संचालनालय का बड़ा U-Turn: निजी स्कूलों के विरोध के बाद सुधारा आदेश, फिर मिली परीक्षाओं की अनुमति

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर

निजी स्कूलों में परीक्षा अधिकार खत्म करने वाले आदेश पर भारी विरोध के बाद डीपीआई ने संशोधित निर्देश जारी किए और स्थानीय परीक्षाओं से निजी स्कूलों को अलग कर दिया।

रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी हालिया आदेश ने प्रदेशभर के निजी स्कूलों में हड़कंप मचा दिया था, जिसमें कक्षा पहली से ग्यारहवीं तक की परीक्षाएं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आयोजित कराने की बात कही गई थी। आदेश के बाद निजी स्कूल संघ ने कड़े शब्दों में विरोध जताया और इसे शिक्षा व्यवस्था पर तुगलकी निर्णय बताया। लेकिन विरोध के बाद अब संचालनालय ने नया आदेश जारी कर निजी स्कूलों को राहत प्रदान कर दी है।

डीपीआई का नया आदेश- क्या बदला?

  • लोक शिक्षण संचालनालय ने अब जो निर्देश जारी किए हैं, वे केवल सरकारी स्कूलों पर लागू होंगे।
  • इनमें जिला स्तरीय संचालन समिति, प्रश्न पत्र निर्माण, मॉडरेशन, परीक्षा तैयारी, पाठ्यक्रम पूर्ण करने की तिथि, परीक्षा कार्यक्रम तथा प्रश्न पत्र वितरण प्रणाली का विस्तृत उल्लेख है।
  • कक्षा 1, 2, 3, 4, 6, 7, 9 और 11 की वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होंगी।
  • सरकारी स्कूलों में सिलेबस 28 फरवरी तक पूर्ण कर रिवीजन करवाने को कहा गया है, जबकि प्रायोजन कार्य 5 मार्च तक पूरे करने होंगे।



पुराने आदेश से मचा था प्रदेशभर में हड़कंप
बीते आदेश में कहा गया था कि कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, छठवीं, सातवीं, नौवीं और ग्यारहवीं की परीक्षाओं का संचालन जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे। दसवीं और बारहवीं तो पहले से ही बोर्ड परीक्षा हैं, जबकि पांचवीं और आठवीं को पिछले वर्ष बोर्ड घोषित किया गया था। लेकिन बाकी कक्षाओं में परीक्षा का अधिकार निजी स्कूलों के पास ही था, जिसे अचानक छीन लेने से निजी स्कूलों में गहरी नाराज़गी फैल गई।

आपात बैठक बुलाकर निजी स्कूलों ने जताया था कड़ा विरोध
आदेश जारी होते ही निजी स्कूल संघ ने देर रात ऑनलाइन आपात बैठक बुलाई और इसका विरोध करने का निर्णय लिया। अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि कई निजी स्कूल समय-सारिणी जारी कर चुके थे, ऐसे में कुछ दिनों पहले नियम बदलना अन्याय है। उन्होंने यहां तक चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे स्कूलों में ताला लगाकर चाबी शासन को सौंप देंगे।

निजी स्कूलों ने डीपीआई को लिखा पत्र, सड़क पर उतरने की भी चेतावनी
निजी स्कूलों ने आदेश को तानाशाही बताते हुए डीपीआई को पत्र लिखकर आदेश वापस लेने की मांग की। संघ ने कहा कि-

  • परीक्षा का ब्लूप्रिंट जारी नहीं
  • सिलेबस स्पष्ट नहीं
  • प्रतिशतवार पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं

ऐसे में परीक्षा करवाना व्यावहारिक रूप से असंभव है।

हरिभूमि न्यूज का बड़ा असर- आदेश में संशोधन
हरिभूमि डॉट कॉम न्यूज में मुद्दा प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। ताज़ा आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि नई परीक्षा व्यवस्था सिर्फ शासकीय और स्वामी आत्मानंद स्कूलों पर लागू होगी। निजी स्कूल अब पहले की तरह अपनी परीक्षाएं खुद आयोजित कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने हरिभूमि न्यूज का आभार व्यक्त किया है।

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