रायपुर में बेखौफ बदमाशों का तांडव: सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर कर रहे अपने गैंग का प्रचार, देखिए VIDEO

हुक्का और हथियार का प्रदर्शन करते हुए बदमाश
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि, अब उन्हें न तो कानून का डर है न ही पुलिस का। बदमाश खुलेआम हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। चाकू, देसी कट्टा और पिस्टल लहराते हुए खुद को गैंगस्टर बताकर प्रचार किया जा रहा है, जिससे आम जनता में डर का माहौल बन रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि, इनमें से कई युवक विभिन्न थानों के निगरानी बदमाश बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद वे बिना किसी भय के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड कर रहे हैं। कुछ वीडियो में प्रतिबंधित हुक्का के इस्तेमाल की भी झलक देखी जा रही है।
रायपुर जिले में बदमाशों के अंदर से पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है। हथियारों और प्रतिबंधित हुक्का के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर खुद को गैंगस्टर बता रहे हैं। @RaipurDistrict #Chhattisgarh @RaipurPoliceCG pic.twitter.com/KYALiwdhIc
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 10, 2026
हिस्ट्रीशीटर बदमाश की हत्या
वहीं 29 दिसंबर को राजिम इलाके में पुरानी रंजिश के चलते एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश की ग्रामीणों ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामला गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार, राजिम क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी में सोमवार सुबह सड़क किनारे एक युवक की क्षत-विक्षत लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर सड़क के किनारे घसीटने के स्पष्ट निशान भी पाए गए। सूचना मिलते ही राजिम थाना प्रभारी अमृत लाल साहू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। मृतक की पहचान हितेश्वर तारक उर्फ चंदु तारक के रूप में की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक आदतन अपराधी था। थाना राजिम में उसके खिलाफ मारपीट एवं चोरी के कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं 9 प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी थी। मृतक के विरुद्ध थाने में गुण्डा बदमाश का फाइल भी दर्ज है।
घर से घसीटकर ले गए, लाठी-डंडों से की हत्या
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई गई, जिसके बाद इसी एंगल से जांच की गई। जांच में खुलासा हुआ कि, 28 दिसंबर की रात करीब 11 बजे गांव के ही 11 लोगों ने एक राय होकर पुरानी रंजिश के चलते हितेश्वर तारक को उसके घर से जबरदस्ती घसीटते हुए बाहर निकाला। इसके बाद उसे कोपरा-बोरसी मार्ग के किनारे ले जाकर लाठी-डंडा और पत्थरों से बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया।
पूछताछ में कबूला जुर्म, सभी आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने आरोपियों की तलाश करते हुए सभी संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अलग-अलग बयान में लाठी-डंडा व पत्थरों से हत्या करना स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 332(ख), 296, 115(2), 351(3), 191(2), 191(3), 191 एवं 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
करण साहू, नोहर विश्वकर्मा, विमलेश साहू, थानचंद साहू, सुनील साहू, शिव साहू, गजेन्द्र साहू, लक्ष्मीचंद सतनामी, भुरू उर्फ ओमप्रकाश सतनामी, उमाशंकर यादव एवं अक्षय साहू शामिल है।
