CG PSC घोटाला: CBI ने फाइनल चालान किया पेश, चार्जशीट में कुल 13 आरोपी बनाए गए

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग
रायपुर। सीजीपीएससी घोटाला में शुक्रवार को सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में करीब चार सौ पन्नों की फाइनल चार्जशीट पेश कर दी है। घोटाला में तत्कालीन सीजी पीएससी के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक सहित 13 आरोपी बनाए गए हैं। चार्जशीट में आखिरी में उत्कर्ष चंद्राकर को भी सीबीआई ने आरोपी बनाया है। परीक्षा में शामिल होने वाले 29 परिक्षार्थियों को सीबीआई ने गवाह बनाया है। चार्जशीट पेश होने के बाद मामले की सुनवाई में तेजी आएगी। साथ ही कोर्ट के फैसले के बाद घोटाले को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
कोर्ट में पेश चार्जशीट के अनुसार घोटाला करने सीजीपीएससी के अध्यक्ष तथा अन्य ने बार नवापारा को परीक्षा केंद्र बनाया था। बार नवापारा में रिसोर्ट की व्यवस्था उत्कर्ष चंद्राकर द्वारा किए जाने का चालान में उल्लेख है। सीजीपीएसपी भर्ती घोटाला में सीबीआई ने सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, टामन का भतीजा नितेश सोनवानी, शशांक गोयल, भूमिका कटारिया, साहिल सोनवानी, एक्जाम कंट्रोलर ललित गणवीर, मीशा कोसले, दीप आदिल तथा
साहिल सोनवानी के नाम शामिल हैं। 171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा
सीजीपीएससी परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी।
यह है पूरा मामला
सीजीपीएससी परीक्षा भर्ती घोटाला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि, आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दर्शकनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी।
