बस्तर की प्रतिभा का राज्य स्तर पर परचम: अबेकस चैंपियनशिप में मनन साहू का शानदार प्रदर्शन

मनन साहू ने दो खिताब जीते
अनिल सामंत- जगदलपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित बारहवीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय यूसीमास अबेकस एवं मेंटल एरिथमेटिक चैंपियनशिप में बस्तर की होनहार प्रतिभा ने एक बार फिर अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में जगदलपुर के प्रतिभागी ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो महत्वपूर्ण खिताब अपने नाम कर जिले और संभाग का गौरव बढ़ाया।
इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें गणनात्मक क्षमता, एकाग्रता और मानसिक फुर्ती का कड़ा परीक्षण किया गया। प्रतियोगिता में लिसनिंग केटेगरी में प्रथम रनरअप तथा विजुअल केटेगरी में थर्ड रनरअप स्थान प्राप्त कर दोहरी सफलता हासिल की गई। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि बस्तर क्षेत्र में बौद्धिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों की सशक्त उपस्थिति को भी रेखांकित करती है। इससे पूर्व राष्ट्रीय स्तर पर भी इस प्रतिभागी ने अपनी योग्यता का परिचय देते हुए मेरिट सूची में स्थान बनाया है, जो भविष्य में और बड़ी उपलब्धियों का संकेत है।

विजेताओं को खिताब, पदक भेंटकर किया गया उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेताओं को खिताब एवं पदक प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस सफलता को समाज और जिले के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इसे आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक उपलब्धि माना गया।
जगदलपुर से मनन साहू ने यह उपलब्धि तृप्ति परिदा के मार्गदर्शन में प्राप्त की, कार्यक्रम में यूसीमास मध्यप्रदेश के प्रबंध निदेशक नीरज गोयल एवं अमृता गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि बस्तर जिला साहू समाज के जिलाध्यक्ष हरि साहू, तेतरकुटी साहू समाज अध्यक्ष गणेश राम साहू, उमाशंकर साहू, पिलेश्वरी साहू, मोहनलाल, डीएन साहू, श्रवण साहू, बुधेलाल साहू, पालन साहू, परमानंद साहू सहित समाज के अन्य सदस्यों ने इसे समाज की गौरवशाली उपलब्धि बताया।
उपलब्धि की मुख्य झलक
राज्य स्तरीय यूसीमास अबेकस एवं मेंटल एरिथमेटिक चैंपियनशिप में लिसनिंग केटेगरी में प्रथम रनरअप तथा विजुअल केटेगरी में थर्ड रनरअप स्थान प्राप्त कर दो खिताब जीते गए, इससे पूर्व राष्ट्रीय स्तर पर मेरिट सूची में स्थान बनाकर बस्तर की बौद्धिक प्रतिभा को पहचान दिलाई गई, जो जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है।
