रेत माफियाओं से वन विभाग की फिल्मी मुठभेड़: अमरकंटक बॉर्डर से ट्रक-कार जब्त, मौके से तस्कर फरार

जब्त किए गए ट्रक और कार
आकाश पवार- पेंड्रा। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के अमरकंटक बॉर्डर क्षेत्र की शांत पहाड़ियों के बीच उस वक्त अफरा-तफरी मच गई। जब अवैध रेत से लदी गाड़ियों का पीछा करते हुए वन विभाग की टीम सीधे रेत माफियाओं से जा टकराई। पूरा घटनाक्रम किसी एक्शन फिल्म के सीन जैसा था। तेज रफ्तार वाहन, घेराबंदी, चीखती ब्रेकें और जान जोखिम में डालकर की गई कार्रवाई।
अवैध रेत तस्करी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के अमरकंटक क्षेत्र की सीमा से लगे इलाके में मोर्चा संभाला। तभी अवैध रेत से भरी गाड़ी नजर आईं। इशारा मिलते ही टीम ने रास्ता घेरा, लेकिन खुद को घिरता देख रेत माफिया बौखला उठे। गाड़ियों की रफ्तार अचानक बढ़ा दी गई और वनकर्मियों को कुचलने तक की कोशिश की गई।
पेंड्रा जिले के अमरकंटक बॉर्डर पर अवैध रेत तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रेत माफियाओं ने वनकर्मियों को कुचलने की कोशिश की। @GPM_DIST_CG #Chhattisgarh #illigalsand @ForestCgGov pic.twitter.com/cOM8RIEPnX
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) February 6, 2026
गाड़ियां छोड़कर फरार हो गए तस्कर
बताया जा रहा है कि, ये गाड़ियां अमरकंटक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रेत कारोबारी मोहम्मद इब्राहिम से जुड़ी थीं। पीछा और घेराबंदी के बीच हालात इतने बिगड़े कि, तस्करों ने हमला करने की कोशिश भी की, मगर सूझबूझ और साहस से वनकर्मियों ने मोर्चा संभाले रखा। इसी बीच कार्रवाई करते हुए टीम ने एक रेत से लदी ट्रक और एक कार को मौके पर दबोच लिया। तस्कर गाड़ियां छोड़कर फरार हो गए।

पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही
घटना की पुष्टि करते हुए गौरेला रेंज के रेंजर प्रबल दुबे ने बताया कि, यह अंतरराज्यीय रेत तस्करी का मामला है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। अमरकंटक बॉर्डर पर हुआ यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि, रेत का अवैध कारोबार अब खुलेआम चुनौती बनता जा रहा है और उसे रोकने के लिए वन विभाग भी किसी फिल्मी हीरो की तरह मैदान में डटा हुआ है।

