खत्म हुआ मरीजों का इंतजार: आंबेडकर अस्पताल में फिर शुरू हुआ टोटल हिप और नी रिप्लेसमेंट

खत्म हुआ मरीजों का इंतजार : आंबेडकर अस्पताल में फिर शुरू हुआ टोटल हिप और नी रिप्लेसमेंट
X

आंबेडकर अस्पताल के डॉक्टर्स 

मरीजों को आंबेडकर अस्पताल में एक बार फिर टोटल हिप रिप्लेसमेंट और टोटल नी (घुटना) रिप्लेसमेंट की सुविधा मिलने लगी है।

रायपुर। जरूरी सामान के अभाव में निजी अस्पताल जाने वाले मरीजों को आंबेडकर अस्पताल में एक बार फिर टोटल हिप रिप्लेसमेंट और टोटल नी (घुटना) रिप्लेसमेंट की सुविधा मिलने लगी है। सालभर से हड्डी रोग विभाग में यह इलाज नहीं होने के कारण मरीज हलाकान होने लगे थे। आवश्यक सामान की आपूर्ति होने के बाद आठ मरीजों को प्रत्यारोपण की सुविधा प्रदान की गई है। शासकीय स्तर पर इस तरह के प्रत्यारोपण की सुविधा केवल आंबेडकर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में मिल रही थी। हर महीने चार मरीजों की सर्जरी के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाता था।

इस बीच अचानक ऑपरेशन में लगने वाले जरूरी सामान की सप्लाई बाधित हो गई और यह सुविधा ठप पड़ गई थी। आंबेडकर अस्पताल आने वाले मरीजों के पास इंतजार करने अथवा निजी अस्पताल में जाकर पैसे खर्च करने के अलावा कोई चारा नहीं था। अस्पताल प्रबंधन के लगातार प्रयास के बाद समस्या का समाधान हुआ और नए साल से प्रत्यारोपण संबंधी उपचार की पुनः शुरुआत की गई है।

दुर्घटना या लंबे समय से जोड़ों के दर्द से सर्जरी लाभकारी हो रही साबित
अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आरके दास ने बताया कि, गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, दुर्घटना या लंबे समय से जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए यह सर्जरी लाभकारी साबित हो रही है। सर्जरी के बाद मरीज सामान्य जीवन की ओर तेजी से लौट पा रहे हैं। व्यवस्था सामान्य होने के बाद अस्थि रोग विभाग के डाक्टरों ने आठ मरीजों को राहत प्रदान की है। चिकित्सकों के अनुसार सामान्यतः उम्रदराज लोगों को, सड़क हादसे अथवा सिकलसेल सहित अन्य जेनेटिक बीमारी वाले मरीजों को हिप अथवा नी रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ती थी। बदलते वक्त के बाद कम उम्र के लोगों को भी इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन सर्जरी के माध्यम से मरीजों को लम्बे समय से चले आ रहे असहनीय दर्द से स्थायी राहत मिलती है तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

परेशानी इसलिए भी बड़ी
हिप और नी रिप्लेसमेंट की सुविधा आयुष्मान योजना में शासकीय अस्पतालों में संभव है। करीब 6 साल पहले इस उपचार को निजी अस्पताल के पैकेज से हटा दिया गया था। आंबेडकर अस्पताल में इसका इलाज बंद होने की वजह से मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर इस उपचार के लिए डेढ़ से तीन लाख रुपए तक खर्च करने पड़ते थे। पुनः इसका इलाज शुरू होने के बाद मरीजों का स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत निशुल्क इलाज होने लगा है।

पूर्व की भांति सुविधा
आंबेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि, टोटल हिप रिप्लेसमेंट एवं टोटल नी रिप्लेसमेंट की सुविधा पूर्व की तरह पूरी तरह उपलब्ध है। अत्याधुनिक तकनीक, मानक प्रोटोकॉल एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा यह सर्जरी सुरक्षित रूप से की जा रही है। कुछ दिनों में करीब 8 मरीजों की जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी की जा चुकी है।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story