हथियार छोड़ गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेंगे चार सरेंडर नक्सली: मुख्यमंत्री कन्या विवाह के तहत होगी शादी, सीएम साय देंगे आशीर्वाद

सरेंडर्ड नक्सली
इमरान खान- नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में शुक्रवार को ऐसा दृश्य साकार होने जा रहा है, जो सिर्फ़ एक विवाह नहीं, बल्कि नक्सल मुक्त बस्तर की जीवंत तस्वीर है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आत्मसमर्पित चार नक्सली जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न होगा। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बनेंगे और इन नवदंपतियों को आशीर्वाद देंगे।
इन चारों जोड़ों ने नक्सली संगठन में PPCM, DVCM, ACM और PM जैसे अहम दायित्व निभाए।सालों तक जंगलों में रहकर उन्होंने संघर्ष, भय और भटकाव का जीवन जिया।लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और भारत सरकार के नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प ने उन्हें एक नई राह दिखाई। रंजित (PPCM)- कोशी (PPCM)सुखलाल (DVCM)- कमला गोटा (ACM) मासो मांडवी (PCCM)- रीता कवासी (PM) सनी राम (ACM)- सुशीला (PM)सभी जोड़े हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
जंगल की ज़िंदगी से घर तक
आंगन के सपनों तक इनके जीवन में न कभी ढोल था, न मंगल गीत, न परिवार का साथ लेकिन आज पहली बार इनकी शादी में सरकार अभिभावक बनी है। मुख्यमंत्री स्वयं आशीर्वाद देने आ रहे हैं, और समाज खुले दिल से इन्हें स्वीकार कर रहा है। यह शादी केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि हिंसा और विश्वास के बीच हुए समझौते की मुहर है। संदेश साफ़ है कि, लौटने वालों के लिए दरवाज़े खुले हैं। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे आत्मसमर्पण यह साबित करते हैं कि सरकार सिर्फ़ सुरक्षा नहीं, सम्मान, रोज़गार और भविष्य भी दे रही है।यह आयोजन उन भटके युवाओं के लिए संदेश है कि, हिंसा नहीं, जीवन चुनो, सरकार तुम्हारे साथ है।
नारायणपुर से उठी उम्मीद की रोशनी
जब मुख्यमंत्री खुद हार्डकोर नक्सलियों की शादी में शामिल होते हैं, तो यह सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं,एक युगांतकारी संदेश होता है। नारायणपुर आज सिर्फ़ एक खबर नहीं, एक कहानी है जहाँ बंदूक हार गई और भरोसा जीत गया।
