अबूझमाड़ मैराथन: इथियोपिया के फिओरम्सा अरार्सा और हरियाणा की मुन्नी देवी ने प्राप्त किया पहला स्थान

अबूझमाड़ मैराथन : सीएम साय की मौजूदगी में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विदेशी धावकों ने साथ लगाई दौड़
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अबूझमाड़ मैराथन में आए धावक 

बस्तर अंचल में सीएम विष्णुदेव साय की मौजूदगी में अबूझमाड़ मैराथन का आयोजन किया गया। विदेशी धावकों के साथ आत्मसमर्पित नक्सली भी दौड़ते नजर आए।

इमरान खान- नारायणपुर। जिस अबूझमाड़ को वर्षों तक नक्सल हिंसा और डर की पहचान मिली, उसी धरती पर अब शांति, विश्वास और बदलाव की नई तस्वीर उभर रही है। बस्तर अंचल में आयोजित अबूझमाड़ मैराथन का पांचवां संस्करण केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की सबसे मजबूत प्रतीकात्मक कहानी बन गया। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच जब विदेशी धावकों के साथ आत्मसमर्पित नक्सली भी दौड़ते नजर आए, तो यह दृश्य अपने आप में इतिहास बन गया। यह दौड़ सिर्फ किलोमीटर तय करने की नहीं थी, बल्कि मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदमों की दौड़ थी।

विदेशी धावकों का दबदबा, भारत की मजबूत मौजूदगी
पूर्ण मैराथन पुरुष वर्ग में इथियोपिया के फिओरम्सा अरार्सा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया और ₹1,00,000 की इनामी राशि अपने नाम की। मेरठ के अक्षय कुमार ने कड़ी प्रतिस्पर्धा में दूसरा स्थान प्राप्त कर ₹50,000 जीते, जबकि तीसरा स्थान इथियोपिया के टेबेजे किनेतेओ को मिला।इस अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा ने यह स्पष्ट कर दिया कि अबूझमाड़ मैराथन वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी जगह बना चुका है।


मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने बढ़ाया आयोजन का महत्व
इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री स्वयं शामिल हुए और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि, अबूझमाड़ मैराथन खेल के माध्यम से शांति, विकास और सामाजिक समरसता का सशक्त मंच बन गया है। विजेताओं को पुरस्कार बस्तर सांसद महेश कश्यप द्वारा प्रदान किए गए। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह मैराथन बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रही है।


महिला शक्ति ने भी दिखाई रफ्तार
अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के ओपन महिला वर्ग में हरियाणा की मुन्नी देवी ने पहला स्थान हासिल किया। वाराणसी की वंदना दूसरे और केन्या की इडा जेरोटिच तीसरे स्थान पर रहीं। महिला धाविकाओं की प्रभावी भागीदारी यह दर्शाती है कि यह आयोजन खेल के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का मंच भी बन चुका है। स्थानीय प्रतिभाओं ने बढ़ाया बस्तर का मान नारायणपुर जिले की हाफ मैराथन में पुरुष वर्ग में रस्सू कोर्राम (कौशलनार) महिला वर्ग में रीना उइकेने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं बस्तर संभाग स्तर पर पुरुष वर्ग में मांकू राम नाग (कोंडागांव)महिला वर्ग में प्रमिला मंडावी (लोहंडीगुड़ा) ने जीत दर्ज कर स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की।

अबूझमाड़ अब पीछे नहीं, आगे दौड़ रहा
आयोजकों के अनुसार, अबूझमाड़ मैराथन का उद्देश्य केवल पदक और पुरस्कार नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देकर शांति का संदेश फैलाना और समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है। अबूझमाड़ अब पीछे नहीं, आगे दौड़ रहा है। अबूझमाड़ मैराथन बस्तर के बदलते भविष्य की पहचान बन चुका है।जहाँ जीत किसी एक धावक की नहीं, बल्कि पूरे समाज की होती है।

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