कर्णेश्वर मेला महोत्सव: ट्रस्ट की बैठक में तैयारियों को मिला अंतिम रूप, 1 फरवरी से होगा शुभारंभ, 21 जनवरी को बाजार की नीलामी

कर्णेश्वर मंदिर परिसर में हुई तैयारियों की समीक्षा
गोपी कश्यप - नगरी। नगरी क्षेत्र में हर वर्ष आयोजित होने वाला ऐतिहासिक कर्णेश्वर मेला महोत्सव इस बार और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। 1 से 5 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव की तैयारियों को लेकर बुधवार को ट्रस्ट की अहम बैठक हुई, जिसमें विभिन्न कार्य योजनाओं पर सहमति बनी और जिम्मेदारियाँ तय की गईं।
ट्रस्ट की बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप
कर्णेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में मेला महोत्सव के कार्यक्रमों का विस्तृत खाका तैयार किया गया। ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष मेले को नई साज-सज्जा, मीना बाजार और क्राफ्ट बाजार के साथ और भी आकर्षक बनाया जाएगा।
30-31 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम
नवनिर्मित भक्त माता कर्मा मंदिर और हनुमान मंदिर में 30 और 31 जनवरी को भव्य प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
- 30 जनवरी- प्रातः 9 बजे कलश यात्रा, पंचांग पूजन, वेदी पूजन, अन्नाधिवास
- 31 जनवरी- कलश स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा, हवन एवं पूर्णाहुति
मंदिर का निर्माण जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा द्वारा अपने परिजनों की स्मृति में कराया गया है। जबकि माता कर्मा की मूर्ति गिरधारी लाल साहू साकरा और उनके परिवार द्वारा प्रदत्त की गई है।
संगम घाट पर गंगा पूजन से होगा मेले का शुभारंभ
31 जनवरी की सांध्य बेला में महानदी और बालका नदी के संगम घाट पर चित्रोत्पला महानदी गंगा पूजन और कर्णेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना के साथ मेला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा।
21 जनवरी को होगी मेला बाजार की नीलामी
मेले में लगने वाले दुकानों व बाजारों की नीलामी 21 जनवरी को मंदिर परिसर में की जाएगी। बाजार को व्यवस्थित बैठाने की जिम्मेदारी ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों को दी गई है।
पांच दिवसीय महोत्सव में आकर्षण की भरमार
मीना बाजार, क्राफ्ट बाजार, नई सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन इस पांच दिवसीय महोत्सव का मुख्य आकर्षण होंगे। ट्रस्ट ने सभी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
बैठक में बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित
बैठक में वरिष्ठ ट्रस्टी प्रकाश बैस, उपाध्यक्ष रवि दुबे, कोषाध्यक्ष निकेश ठाकुर, सचिव भरत निर्मलकर, सह सचिव राम भरोसा साहू समेत अनेक सदस्य एवं स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हुए।
