वनांचल की लोककला को मिला सम्मान: डोंगाडुला की बेटी आरू साहू ने रचा इतिहास, सीएम साय के हाथों ‘युवा रत्न’ अवार्ड से हुईं सम्मानित

वनांचल की लोककला को मिला सम्मान
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डिप्टी सीएम अरुण साव, सीएम विष्णु देव साय और आरू साहू

सिहावा विधानसभा के नगरी ब्लॉक के डोंगाडुला गांव की लोककलाकार ओजस्वी आरू साहू को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री साय द्वारा ‘युवा रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

अंगेश हिरवानी- नगरी। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल अंचलों में जन्मी प्रतिभाएँ अब प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन रही हैं। मिट्टी की खुशबू, लोकसंस्कृति की धड़कन और आत्मविश्वास की उड़ान। इन सबका जीवंत उदाहरण है सिहावा विधान सभा क्षेत्र में नगरी विकासखंड के छोटे से गांव डोंगाडुला की बेटी ओजस्वी आरू साहू।

लोककला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आरू साहू को 12 जनवरी को नवा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों से ‘युवा रत्न सम्मान’ से नवाज़ा गया। यह सम्मान न सिर्फ एक युवा कलाकार की उपलब्धि है, बल्कि पूरे वनांचल की लोकसंस्कृति की जीत का प्रतीक बन गया है।

9 प्रतिभाशाली युवाओं और एक संगठन को मिला सम्मान
छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित 'युवा रत्न सम्मान योजना 2025' के अंतर्गत इस वर्ष राज्य के 9 प्रतिभाशाली युवाओं और एक संगठन को यह सम्मान प्रदान किया गया। आरू साहू का चयन इस बात का प्रमाण है कि, प्रतिभा किसी शहर, संसाधन या सुविधा की मोहताज नहीं होती। वह जहां होती है, वहीं से रास्ता बना लेती है।


आरू साहू का नाम हुआ शामिल
आपको बता दें कि, राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठक 6 जनवरी 2026 को महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में संपन्न हुई थी, जहां जिला स्तरीय समितियों की अनुशंसाओं और प्राप्त आवेदनों पर गहन विचार-विमर्श के बाद चयन किया गया। इसी प्रक्रिया में नगरी ब्लॉक के एक छोटे से गांव में रहने वाली आरू साहू का नाम राज्य की सर्वश्रेष्ठ युवा प्रतिभाओं में शामिल हुआ।

लोककला, ग्रामीण संस्कृति और युवाओं के सपनों का सम्मान
आरू साहू का यह सम्मान केवल एक नाम का नहीं, बल्कि वनांचल की लोककला, ग्रामीण संस्कृति और युवाओं के सपनों का सम्मान है। उनके सम्मान की खबर से नगरी ब्लॉक सहित पूरे धमतरी जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। क्षेत्र के लोग कहते हैं कि, आरू ने साबित कर दिया कि प्रतिभा को पंख देने के लिए साधनों से ज़्यादा संकल्प चाहिए।

गांव की पगडंडी से राजधानी तक का सफर
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अनुसार, युवा रत्न सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक संदेश है कि, अगर जुनून सच्चा हो, तो गांव की पगडंडी से भी राजधानी तक का सफर तय किया जा सकता है। यही संदेश, आरू साहू ने अपनी कला और साधना से पूरे छत्तीसगढ़ को दिया है।

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