बच्चों के भविष्य से खिलवाड़: शिक्षिका तीन महीने से गायब, गुस्साए पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ : शिक्षिका तीन महीने से गायब, गुस्साए पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला
X

स्कूल के बाहर बैठे बच्चे और पालक 

मोहला के ग्राम मचांन्दूर पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ महिला शिक्षिका के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं हैं। वे मेडिकल लीव दिखाकर अनफिट हो जातीं हैं।

एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। मोहला विकासखंड के ग्राम मचांन्दूर पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ महिला शिक्षिका के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखाने के कारण विगत जून माह से शाला का पढाई बाधित है। 17 जून को युक्तियुक्तिकरण के तहत ज्वाइनिंग देने के बाद शिक्षिका आशा धृतलहरें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संरक्षण में तीन-तीन महीने के लिए मेडिकल लीव में अनफिट हो जाती है और एक दिन जॉइनिंग के लिए फिट हो जाती हैं। स्कूल के इस गतिविधि से त्रस्त होकर मचान्दूर के पालकों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी और गेट के सामने बैठ गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, मचान्दूर मिडिल स्कूल में पदस्थ यूडिटी आशा धृतलहरें के संबंध मे बताया गया कि, 3 जून 2025 को युक्तिकरण के तहत शिक्षिका का पद स्थापना अंबागढ़ चौकी के सोमसाय टोला स्कूल से मोहला मचान्दूर के लिए हुआ। 16 जून को जॉइनिंग करने के बाद शिक्षिका के द्वारा बच्चों को पढ़ाने के बजाय 3 महीने का मेडिकल अवकाश ले लिया। जून महीने से उक्त शिक्षिका के द्वारा तीन माह तक मेडिकल लीव में अनफिट बताया जाता है और जॉइनिंग के 1 दिन के लिए फिट हो जाती है। शिक्षा विभाग के संरक्षण में चल रहे फिट और अनफिट का क्रम निरंतर चलाते आ रहा है। जिसके चलते माचान्दुर पूर्व माध्यमिक शाला में अध्यनरत छात्र-छात्राओं कि पढ़ाई बाधित हो गई है।

एक शिक्षित बेरोजगार युवा से पढ़वा रहे ग्रामीण
शिक्षा विभाग के संरक्षण में शिक्षिका के मेडिकल लीव में फिट अनफिट के खेल के बीच पालक और ग्रामीण प्रत्येक घर से 100 रूपय आपस में चंदा करके गांव के एक शिक्षित बेरोजगार युवा से स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ावा रहे हैं।

1 दिन के लिए हो जाती है फिट
दस्तावेजों के मुताबिक स्कूल में पदस्थ शिक्षिका आशा धृतलहरें विगत 1 अक्टूबर 2025 से 13 जनवरी 2026 तक मेडिकल छुट्टी पर थी। जॉइनिंग के लिए उन्होंने एक दिन के लिए अपने आप को फिट बताते हुए विभाग के आदेश पर जॉइनिंग दी और पुनः 14 जनवरी से मेडिकल छुट्टी का आवेदन देकर स्कूल से नदारत हो गई।

ग्रामीणों ने कहा- जब पढ़ा नहीं सकती तो शिक्षा विभाग करे बर्खास्त
मेडिकल छुट्टी के खेल के बीच शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए बताया कि उक्त शिक्षिका के द्वारा मेडिकल बोर्ड का किसी तरीके से प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है। अनियंत्र जगह से फर्जी रूप से बनाए जा रहे हैं। डॉक्टर का मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करती हैं। इधर ग्रामीणों की अधिकारियों से मांग की है कि अगर शिक्षिका उनके बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ है तो उन्हें सीधे बर्खास्त करें।

विभाग छुट्टी नहीं कर रहा है स्वीकृत- BEO
मोहला विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र देवांगन ने हरिभूमि को जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने के कारण विभाग कोई छुट्टी स्वीकृत नहीं किया है। शिक्षिका स्वयं अनियंत्र जगह से मेडिकल सर्टिफिकेट बनाकर अनफिट और फिर फिट हो जाती है। इसकी जांच की जाएगी।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story