एकलव्य विद्यालय में कुछ तो गड़बड़ है: दो छात्राओं की जान पर बन आई तब जागा प्रशासन, शिक्षकों की भूमिका भी जांची जाएगी

संयुक्त एकलव्य आदर्श विद्यालय
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संयुक्त एकलव्य आदर्श विद्यालय, मोहला-मानपुर

छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के चौकी में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय का मामला गरमा गया है। कलेक्टर ने अब हर एंगल से जांच की बात कही है।

एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। आदिवासी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए संयुक्त रूप से संचालित केंद्रीय आवासीय एकलव्य विद्यालय में अध्यनरत छात्रों के साथ हो रही ज्यादती की फाइलें तैयार हो गई हैं। एक के बाद एक कांडों के उजागर होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर एक्शन की तैयारी है। परंतु इस संस्था में अध्यनरत प्रतिभावान नाबालिग आदिवासी बच्चियां एक के बाद एक क्यों जान देना चाहती हैं, इस परत को खंगालने में जवाबदेह अफसरों के हाथ पांव फूल रहे हैं।

क्या बच्चियां इस संस्था में असुरक्षित हैं? छात्राओं के साथ यहां ऐसा क्या घट रहा है? छठवीं से 12वीं तक अध्यनरत नाबालिग बच्चियों से जुड़े इन तमाम बिंदुओं पर किसी तरह की उच्च स्तरीय जांच, जवाबदारी के साथ नहीं हो पा रहा है। कहीं ना कहीं बच्चियों से जुड़े इस मामले को दफन करने की कवायद प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है।

अंबागढ़ चौकी में संचालित है एकलव्य आवासीय विद्यालय
उल्लेखनीय है कि, भवन के अभाव में मोहला और मानपुर का केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय अंबागढ़ चौकी में संचालित हो रहा है। यहां मोहला और मानपुर के सैकडों प्रतिभावान छात्र- छात्राएं संयुक्त रूप से अध्यनरत हैं। मासूम छात्रों को इस संस्था में दूसरे प्रदेशों से आए टीचर पढ़ाते हैं। बताया जाता है कि, यहां टीचर्स इन बच्चों की पिटाई के साथ साथ हीन भावना से भी देखने हैं। मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देश में प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम के समक्ष मामला पुष्ट हो गया है, उक्त मामले में प्रशासनिक स्तर पर फाइल तैयार कर अब एक्शन की तैयारी की जा रही है।

10वीं, 11वीं की दो छात्राओं ने आत्महत्या का किया प्रयास
इधर 6 दिनों के भीतर 10वीं और 11वीं की दो आदिवासी छात्राएं संस्था के भीतर एक के बाद एक आत्महत्या का प्रयास कर चुकी हैं। बच्चियां क्यों मरना चाहती हैं? इस मामले की छानबीन से पुलिस दूर है, जबकि मामला बच्चियों की जहर खुरानी का है। इधर प्रशासनिक स्तर पर छात्राओं के मामले में उच्च स्तरीय जांच उपरांत त्वरित ठोस कार्यवाही करने के बजाय जवाबदेह अफसर मामले को गोल-गोल घुमा रहे हैं।

बेदम मारपीट की हुई पुष्टि-
नाबालिग आदिवासी छात्रों को हीन भावना से देखे जाने और एकलव्य परिसर के भीतर महीनों से छात्रों को बाहर प्रदेश से आए टीचर्स द्वारा अमानवीय तरीके से मारपीट किए जाने की प्रशासनिक टीम की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हो चुकी है। जबकि छात्रों ने इस हैवानियत की लिखित शिकायत और बयान सहायक आयुक्त संजय कुर्रे को पहले ही दे चुके थे, परंतु कहा जाता है कि, मामले को सहायक आयुक्त ने दबा दिया।

दूसरे प्रदेशों के शिक्षकों की भूमिका पर संदेह
बताया जा रहा है कि, एकलव्य केंद्रीय विद्यालय में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड के शिक्षक पदस्थ हैं। इन्हीं पर यहां आदिवासी मासूम छात्र-छात्राओं के साथ बुरा बर्ताव करने की बात कही जा रही है।

विधायक बोले- एकलव्य विद्यालय में कुछ तो गड़बड़ है-
बच्चियों द्वारा जान देने की कोशिशों के बाद स्थानीय विधायक इंद्र शाह मंडावी और जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने हरिभूमि से कहा कि, एकलव्य केंद्रीय विद्यालय में छात्राओं से जुड़ी घटनाएं बेहद खौफनाक हैं। निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। किसी भी तरह से मामले को दबाने का प्रयास न हो।

हर एंगल से जांच हो रही है : कलेक्टर
उधर इस मामले में कलेक्टर कलेक्टर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तूलिका प्रजापति ने हरिभूमि से कहा कि, विद्यार्थियों की पिटाई के मामले में एक्शन लिया जा रहा है, बच्चियों का मामला बेहद संवेदनशील है, हर एंगल पर जांच की जा रही है।

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