नशा और गुस्से ने उजाड़ा पूरा परिवार: बेटे को गोली दागने वाले पिता ने की आत्महत्या, डूमर के पेड़ पर लटका मिला शव

मामले की तफ्तीश करती हुई पुलिस
एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला जिले में शुक्रवार रात पारिवारिक विवाद पर पिता ने अपने बेटे को भरमार बंदूक से गोली दाग कर हत्या कर दी थी और पत्नी को भी घायल कर दिया था। आपको बता दें कि, उसी पिता ने 4 जनवरी को फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र के कुवारदल्ली गांव का है। जहां 22 वर्षीय बेटे के ऊपर पिता ने भरमार बंदूक से गोली चला दी, जिससे बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं माँ यानी आरोपी की पत्नी गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है। बता दें कि, बेटे की हत्या करने व पत्नी को घायल करने के बाद आरोपी बंदूक समेत फरार हो गया था। इस मामले में निरीक्षक अश्वनी राठौर ने पुष्टि करते हुए बताया कि, हत्याकांड को अंजाम देकर बंदूक सहित फरार आरोपी का शव घटनास्थल से कुछ दूर डूमर के पेड़ मे फासी पर लटका मिला है। इस तरह नशा और अति क्रोध में एक परिवार का अंत हो गया।

नशे की हालत में बेटे पर दाग दी बंदूक
उल्लेखनीय है कि, अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र के ग्राम कुवारदल्ली में घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। शुक्रवार रात लगभग 8 बजे के लगभग आरोपी संत कुमार उम्र 48 साल गांव के बाहर जंगल किनारे ईट बना रहा था। रात को किसी बात को लेकर उसकी पत्नी शांति बाई के साथ विवाद हो गया। विवाद के बीच शांति बाई ने पति के द्वारा झगड़ा तकरार करने की जानकारी फोन पर अपने बेटे शेखर उईके को दी। जिसके बाद तत्काल शेखर ईट भट्ठा में पहुंचकर अपने पिता को मां के साथ हो रहे वाद-विवाद पर समझाईश दे रहा था। जिसके बाद नशे की हालत में अतिक्रोध में आकर पिता ने भरमार से बेटे के ऊपर गोली दाग दी।
इस घटना में शेखर उईके की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बंदूक का छर्रा शांति बाई के जबड़ा मे धस गया, जिसे ग्रामीणों और परिजनों ने एंबुलेंस बुलवाकर अस्पताल पहुंचाया। रात को घटना के वक्त वारदात स्थल पर ईट बनाने वाले प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद थे।
बंदूक लेकर फरार हो गया था आरोपी
आरोपी संत कुमार भरमार बंदूक से गोली चलाकर अपने बेटे की हत्या और पत्नी को घायल करने के बाद हाथ में बंदूक लेकर कोठार से लगे जंगल पहाड़ी की ओर मौके से फरार हो गया था, जिसे अंबागढ़ चौकी पुलिस और ग्रामीणों की अलग अलग टीम घटना के तत्काल बाद से सरगर्मी से तलाश कर रहे थे।
जेल या मौत दो ही विकल्प था
बेटे की हत्या और पत्नी को घायल करने के बाद हाथों में बंदूक लेकर फरार हुए आरोपी संत कुमार के पास सिर्फ दो ही विकल्प रहे या तो इस जुर्म के लिए जेल या स्वयं के चुना हुआ मौत। इस मामले में भी यही देखने को मिला नशे और अतिक्रोध में बेटे की हत्या करने के बाद घटना के तीसरे दिन गोलीकांड घटनास्थल के नजदीक आरोपी का शव एक डूमर पेड़ मे फासी के फंदे पर लटका हुआ मिला है।
