कुवारदल्ली हत्याकांड में प्रयुक्त बंदूक बरामद: जंगली जानवरों का करता था शिकार, 2 किलोमीटर दूर एक कोठार की झोपड़ी में मिली

पुलिस ने बंदूक बरामद किया
एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कुवारदल्ली गांव में शुक्रवार रात नशे की हालत में अपने 22 वर्षीय बेटे पर भरमार बंदूक से गोली दाग कर हत्या और पत्नी को घायल करने के बाद बंदूक के साथ फरार आरोपी पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उक्त हत्या में प्रयुक्त भरमार बंदूक को घटना के पांचवे दिन अंबागढ़ चौकी पुलिस ने बरामद कर ली है।
उल्लेखनीय है कि, 2 जनवरी शुक्रवार को अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र के ग्राम कुवारदल्ली मे घरेलू विवाद के चलते आरोपी संत कुमार उम्र 48 साल ने गांव के बाहर जंगल किनारे अपने कोठार में अपने 22 वर्षीय इकलौते पुत्र शेखर उईके की भरमार बंदूक से हत्या और पत्नी शांतिबाई को घायल करने के बाद फरार हो गया था तीसरे दिन सुबह आरोपी की लाश घटना स्थल से कुछ दूर पर एक पेड़ पर लटकी हुई मिली।जिसके बाद से पुलिस अलग-अलग टीम हत्या में प्रयुक्त बार-बार बंदूक की तलाश में जुटी हुई थी वारदात के आज पांचवे दिन भरमार बंदूक कुल्हारदो गांव के सरहद पर स्थित एक झोपड़ी मे मिली है जिसे थाना प्रभारी अश्वनी राठौर की टीम ने बरामद कर लिया है।
मोहला-मानपुर जिले के अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र के ग्राम कुवारदल्ली में बेटे को गोली मारकर हत्या कर पिता ने फांसी लगा ली। अब पुलिस ने वह बंदूक बरामद कर ली है. @MMACDistrict_CG @SP_MMAC #Chhattisgarh pic.twitter.com/3qP2vBJBEX
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 6, 2026
फरार हो गया था आरोपी
आरोपी संत कुमार भरमार बंदूक से गोली चलाकर अपने बेटे की हत्या और पत्नी को घायल करने के बाद रात से ही बंदूक के साथ फरार हो गया था जिसकी लाश तीसरे दिन सुबह घटना स्थल से कुछ दूर मे डूमर के पेड़ पर लटकी हुई मिली आज पांचवें दिन भरमार बंदूक कुल्हारदो गांव के सरहद पर स्थित अशोक जूरेशिया के कोठार के झोपड़ी में मिली जिसे सूचना मिलते ही निरीक्षक अश्वनी राठौर ने बरामद कर लिया है।
बंदूक से मार डाले कई जंगली जानवर
गोली कांड में 22 वर्षीय बेटे की मौत फिर खुद को मार डालने के बाद आरोपी संत कुमार के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि, वह दुर्दांत शिकारी था। खड़बत्तर, मुरेर, कुवारदल्ली, कुल्हरदो के जंगलों में बड़े पैमाने पर जंगली जानवरों का शिकार करते आ रहा था। सैकड़ों जानवर और पक्षियों का उसने अब तक वध कर चुका था, घटना स्थल के मुआवाने के दौरान शिकार करने की कई पद्धति उसके कोठार में मौजूद थी इसी कुरर्ता के चलते उसने अपने बेटे को भी मार डाला।
