लामनी बर्ड पार्क में पहुंच रहे नए मेहमान: बुद्धिमान ब्लू गोल्ड मकाऊ और नकल करने में माहिर अफ्रीकन ग्रे पैरट्स

अफ्रीकन ग्रे पैरेट
महेंद्र विश्वकर्मा- जगदलपुर। लामनी बर्ड पार्क में जल्द ही ब्लू-एंड-येलो मकाऊ और अफ्रीकन ग्रे पैरेट जैसे शानदार मेहमान आने वाले हैं। ये पर्यटकों को खासे पसंद आते हैं। ये तोते अपनी बुद्धिमत्ता और आकर्षक रंगों के लिए जाने जाते हैं, जिसमें ब्लू मैकाऊ नीले-पीले रंग का होता है और अफ्रीकन ग्रे तोते अपनी नकल करने की क्षमता के लिए मशहूर हैं, जिससे पार्क का पक्षी संग्रह और भी समृद्ध हो जाएगा। लामनी बर्ड पार्क के लिए एक रोमांचक अपडेट है, जो जल्द ही इन खूबसूरत और बुद्धिमान पक्षियों का स्वागत करने के लिए तैयार है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नीला-पीला मैकॉ, जिसे आरा अरारौना भी कहते हैं, मध्य और दक्षिण अमेरिका का एक बड़ा, खूबसूरत और बुद्धिमान तोता है, जिसके शरीर का ऊपरी हिस्सा नीला, निचला हिस्सा चमकीला पीला, नारंगी और सिर के ऊपर हरा रंग होता है। यह अपनी बात करने की क्षमता और मिलनसार स्वभाव के कारण पालतू पक्षी के रूप में बहुत लोकप्रिय है, लेकिन इन्हें बहुत जगह, ध्यान और देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि ये लंबे समय तक (80 साल तक) जीवित रह सकते हैं। इसकी विशेषता में ऊपरी पंख गहरे नीले, पेट और छाती सुनहरी-पीली, माथा हरा, और चोंच के पास काले पंखों से सजी सफेद त्वचा होती है।

80 साल तक हो सकती है इनकी आयु
सिर से पूंछ तक लगभग 34-36 इंच और पंखों का फैलाव 41-45 इंच तक हो सकता है। इसकी चोंच बहुत मजबूत, काली और मेवे तोड़ने के लिए उपयुक्त है। स्वभाव और देखभाल में बुद्धिमान और सामाजिक होते हैं, चंचल और सामाजिक होते हैं, इन्हें अपने मालिकों से बहुत ध्यान और बातचीत चाहिए होती है। बात करने की क्षमता शब्दों और वाक्यांशों को दोहरा सकते हैं। ये तेज आवाज कर सकते हैं, इसलिए अपार्टमेंट के लिए उपयुक्त नहीं। यह लंबे समय तक (80 साल तक) जी सकते हैं, इसलिए पालना एक बड़ी जिम्मेदारी है। आवास और स्थिति में मध्य और दक्षिण अमेरिका के जंगलों और सवाना में पाए जाते हैं।
अद्भुत साथी बन सकते हैं पालतू तोते
बस्तर वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि, दुनिया भर में पालतू तोते के रूप में सबसे आम मैकॉ प्रजातियों में से एक हैं। ब्लू-एंड-गोल्ड मैकॉ अपने शानदार रंगों और व्यक्तित्व के कारण अद्भुत साथी बन सकते हैं, लेकिन इन्हें बहुत जगह, उचित पोषण और लंबे समय तक देखभाल की आवश्यकता होती है।
