कोरबा में किसान ने की आत्महत्या की कोशिश: धान न बिकने और टोकन न मिलने से था नाराज, अस्पताल में करवाया गया भर्ती

अस्पताल में भर्ती किसान
उमेश यादव- कोरबा। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धान खरीदी में सरकारी व्यवस्था की पोल खुल गई है। जब धान न बिकने और टोकन न मिलने से नाराज किसान ने आत्महत्या करने की कोशिश की। किसान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसका इलाज जारी है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कोरबा सांसद ने किसानों की दशा पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, किसान घर में पड़ा रहा धान पर नहीं बेच पाया था। जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया है।
कुछ महीने पहले भी एक किसान ने काटा था खुद का गला
उल्लेखनीय है कि, पिछले महीने एक किसान मनबोध गांड़ा धान बेचने के लिए कई दिनों से परेशान था। लेकिन धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिल रहा था इसी बात से परेशान होकर उसने ब्लेड से खुद का गला काट लिया। जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन हालत गंभीर होने के बाग उसे रायपुर रेफर कर दिया गया है। जहां उसका इलाज जारी है।
कोरबा में धान न बिकने और टोकन न मिलने से नाराज किसान ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। किसान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। pic.twitter.com/TNy9msoZQq
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 12, 2026
तीन दिनों से काट रहा था चक्कर
किसान अपनी धान बेचने के लिए बीते 3 दिनों से चॉइस सेंटर का चक्कर काट रहे थे, लेकिन उसे टोकन नहीं मिल रहा था। परिजनों ने बताया कि हर बार मोबाइल नंबर से संबंधित कुछ परेशानी बताई जा रही थी। परिजनों का कहना है कि, धान की फसल बाहर रखी थी ऐसे में किसान परेशान था। इसी टेंशन में आकर उसने अपना गला काटकर आत्महत्या की कोशिश की। किसान के गला काटकर सुसाइड करने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।
