कवर्धा धान घोटाले में एक्शन: कुकदूर खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधक पर FIR दर्ज

धान खरीदी केंद्र
संजय यादव- कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में धान संग्रहण केंद्रों से धान गायब होने के मामले में प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। 26 हजार क्विंटल धान गायब होने और करीब 7 करोड़ के घोटाले के बाद अधिकारी के 'चूहा बयान' से सुर्खियों में आए इस मामले ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में ला दिया है। इसी कड़ी में आज कुकदूर धान खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधक पर बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि प्रबंधक द्वारा करीब 15 लाख रुपये मूल्य के धान का गबन किया गया है, जिस पर कुकदूर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है।
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जहां-जहां धान की कमी या गबन की शिकायत मिल रही है, वहां तत्काल जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी कोदवागोड़ान के धान खरीदी केंद्र प्रभारी पर FIR दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन की साफ चेतावनी है कि धान खरीदी में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार हो रही जांच से अब धान घोटाले से जुड़े जिम्मेदारों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
कुकदूर धान खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधक पर बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि प्रबंधक द्वारा करीब 15 लाख रुपये मूल्य के धान का गबन किया गया है, जिस पर कुकदूर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है। pic.twitter.com/esCi0QEtcS
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) January 17, 2026
धान संग्रहण व्यवस्था की खुली पोल
कवर्धा जिले में सात करोड़ रुपये का धान गायब है। जवाब में अधिकारी कहते हैं- धान चोरी नहीं हुआ, धान बिक नहीं गया, बल्कि चूहे, दीमक और कीड़े खा गए। लेकिन इसी बयान के साथ अधिकारी यह भी जोड़ते हैं कि, प्रदेश के दूसरे जिलों में स्थिति और भी खराब है। यानि अपनी नाकामी छिपाने के लिए अब पूरे प्रदेश में धान संग्रहण व्यवस्था की पोल खोली जा रही है। इस संबंध में जब जवाबदार अधिकारी से पूछा गया तो अधिकारी बेशर्मी से कह रहे हैं कि, हमारी स्थिति प्रदेश के बाकी जगहों से ठीक है।
