गांव में क्रेशर प्लांट का विरोध: ग्रामीणों का आरोप, हमें बिना बताए ही गौठान की भूमि पर खुदाई की दे दी गई अनुमति

गांव में क्रेशर प्लांट का विरोध : ग्रामीणों का आरोप, हमें बिना बताए ही गौठान की भूमि पर खुदाई की दे दी गई अनुमति
X

क्रशर प्लांट का विरोध करते हुए ग्रामीण

जशपुर जिले में पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। बागबहार थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पत्थर खदान के विरोध में पुलिस को ज्ञापन सौंपा है।

अजय सुर्यवंशी- जशपुर। जशपुर जिले के कुकरभुका कोयला पहाड़ी गांव में पत्थर खदान और क्रशर प्लांट की स्थापना को लेकर ग्रामीणों का जबरदस्त विरोध सामने आया है। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे और प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन किया। मामला बागबहार थाना क्षेत्र का है।

ग्रामीणों का कहना है कि, जंगल, पेड़-पौधे और पहाड़ उनके जीवन और आजीविका का आधार हैं, लेकिन कथित तौर पर दस्तावेजों में कूटरचना कर लंबे समय की लीज लेकर यहां पत्थर खदान और क्रशर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। आरोप है कि प्लांट के समीप स्थित गौठान की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, साथ ही डभरी को भी पाट दिया गया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि प्लांट से उड़ने वाली धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ेगा।

फर्जी ग्रामसभा कर लीज कर ली थी 10 एकड़ भूमि
उन्होंने ने कहा कि, वर्ष 2009 में कथित रूप से फर्जी ग्रामसभा कर करीब 10 एकड़ भूमि लीज पर ली गई थी, जहां अब प्लांट लगाया जा रहा है। जिस पहाड़ की कटाई की जा रही है, उसे आदिवासी समाज ग्राम देवता के रूप में पूजा करता आ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है प्लांट संचालक जान से मारने की दी धमकी
ग्रामीणों का आरोप है कि, प्लांट के लिए बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई की गई है और पहाड़ियों को काटकर रास्ता बनाया गया है। इसके साथ ही प्लांट संचालक द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने बागबहार थाना में ज्ञापन सौंपा है।

ग्रामीणों ने पत्थर खदान को निरस्त करने की मांग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल, बागबहार तहसीलदार कृष्णमूर्ति दीवान, पत्थलगांव नायब तहसीलदार भीष्म पटेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने एक स्वर में पत्थर खदान और क्रशर प्लांट को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story