जशपुर में चल पड़ा टी टूरिज्म: 18 एकड़ में फैला सारूडीह चाय बागान प्री वेडिंग शूट के लिए हो रहा प्रसिद्ध

जशपुर में चल पड़ा टी टूरिज्म
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जशपुर का सारुडीह चाय बागान

जशपुर जिले का सारुडीह चाय बागान अब असम और दार्जिलिंग की तर्ज पर पहचान बना रहा है। 18 एकड़ में फैला यह बागान महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित है।

अजय सूर्यवंशी- जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का सारूडीह चाय बागान अब असम और दार्जिलिंग की तरह चाय के नाम से अपनी पहचान बना चुका है। जशपुर का सारूडीह चाय बागान अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और चाय की खेती के लिए प्रसिद्ध है। यह बागान 18 एकड़ में फैला हुआ है और वन विभाग के मार्गदर्शन में महिला समूह द्वारा संचालित किया जाता है।

जशपुर जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर पर स्थित सारुडीह चाय बागान पर्यटन और अच्छे किस्म के चाय उत्पादन के लिए जाना जाता है। जहां यह स्थान अब टी-टूरिज्म का केंद्र बन रहा है और स्थानीय महिला समूहों द्वारा ग्रीन टी व सीटीसी चाय का उत्पादन किया जा रहा है, जो अच्छी क्वालिटी के कारण देश के राज्यों में भी सप्लाई हो रही है, जिला प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र को और विकसित करने के लिए प्रयास जारी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है और जिले की पहचान बढ़ रही है।

आनंद लेने, फोटो खिंचवाने आते हैं लोग
पर्यटन स्थल सारुडीह चाय बागान जशपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। जहां लोग प्रकृति का आनंद लेने, फोटो खिंचवाने और सुकून के पल बिताने आते हैं। इसे एग्रो-टूरिज्म के लिए विकसित किया जा रहा है। बागान में ग्रीन टी और सीटीसी चाय का उत्पादन होता है। जिसमें केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे इसकी गुणवत्ता अच्छी है और यह अन्य राज्यों में भी बिकती है।

महिलाओं को मिल रहा रोजगार
स्व-सहायता समूह की महिलाएं और स्थानीय लोग चाय उत्पादन और पैकेजिंग से जुड़े हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिल रहा है और अच्छी आमदनी हो रही है। वन विभाग और प्रशासन की मदद से बागान का रखरखाव और विस्तार किया जा रहा है, और इसे एक स्थापित ब्रांड बनाने की योजना है, जिसमें मिट्टी और पानी के संरक्षण में भी मदद मिली है।

प्री-वेडिंग शूट और फिल्मांकन के लिए भी एक अच्छी जगह
वर्तमान स्थिति में दिसंबर-जनवरी में पुरानी पत्तियों की कटिंग की जाती है और नई पत्तियां मार्च के आसपास आती हैं, जिससे उत्पादन अस्थायी रूप से रुकता है। आप बागान में चाय की पत्तियां तोड़ते हुए देख सकते हैं और प्रोसेसिंग भी समझ सकते हैं। यह प्री-वेडिंग शूट और फिल्मांकन के लिए भी एक अच्छी जगह है। यहां आने के लिए जशपुर शहर से भागलपुर चौक या पोस्ट ऑफिस के सामने से लुईकोना रोड होते हुए कच्चे रास्ते से पहुंचा जा सकता है। सारुडीह चाय बागान जशपुर की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया है, जो हरियाली और रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है।

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