UGC रेगुलेशन के खिलाफ उतरा सर्व सवर्ण समाज: मंदिर से कलेक्टरेट तक बाइक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

Savarn Samaj rally protest
X

सवर्ण समाज ने UGC रेगुलेशन के विरोध में सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर में सर्व सवर्ण समाज ने यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में बड़ा धरना और बाइक रैली निकाली, संविधानिक समानता और युवाओं के भविष्य पर खतरा बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

अनिल सामंत - जगदलपुर। बुधवार को सर्व सवर्ण समाज ने जगदलपुर में यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया। मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर से शुरू हुआ यह विरोध कार्यक्रम लगातार बढ़ते जनसमर्थन के साथ शहर के प्रमुख मार्गों तक पहुंचा। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे संविधान की समानता की भावना के विरुद्ध बताया और केंद्र सरकार से तुरंत इसे निरस्त करने की मांग की।

धरना और विरोध प्रदर्शन की शुरुआत
सुबह बड़ी संख्या में समाजजन मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने एकत्र हुए और धरना दिए। वक्ताओं ने कहा कि, यह रेगुलेशन सवर्ण समाज के युवाओं के भविष्य के लिए घातक है और इससे शैक्षणिक अवसरों में असंतुलन पैदा होगा। मंच से एक दर्जन से अधिक प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए सरकार को चेताया कि यह व्यवस्था संविधान की मूल भावना के विपरीत है।


बाइक रैली से गूंजी शहर की सड़कें
धरना समाप्त होने के बाद समाज के लोगों ने बाइक रैली निकाली, जो मिताली चौक, जयस्तंभ चौक, श्रीराम चौक और चांदनी चौक से गुजरते हुए कलेक्टरेट पहुंची। रास्तेभर 'यूजीसी रेगुलेशन वापस लो', 'सर्व सवर्ण समाज एकता जिंदाबाद' और 'अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है' जैसे नारों से माहौल जोशपूर्ण रहा।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा
कलेक्टरेट में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने ज्ञापन को शीघ्र राष्ट्रपति भवन भेजने का आश्वासन दिया। ज्ञापन में यूजीसी रेगुलेशन से उत्पन्न सामाजिक, शैक्षणिक और संवैधानिक विसंगतियों का विस्तार से उल्लेख किया गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व और शामिल प्रतिनिधि
पूरा कार्यक्रम सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष एवं सर्व सवर्ण समाज के संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रतिनिधिमंडल में संजीव शर्मा, अनिल सामंत, मनीष शुक्ला और शक्तिसिंह चौहान शामिल थे। रैली और धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


यूजीसी रेगुलेशन पर मुख्य आपत्तियां
ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी रेगुलेशन:

  • समान अवसर के सिद्धांत का उल्लंघन करता है
  • योग्यता और प्रतिस्पर्धा के स्थान पर वर्ग विशेष को अनुचित लाभ देता है
  • उच्च शिक्षा के संतुलन को बिगाड़ सकता है
  • योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों को प्रभावित करेगा
  • सामाजिक वैमनस्य बढ़ा सकता है

प्रतिनिधियों ने इसे संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार के विरुद्ध बताते हुए तत्काल निरस्तीकरण की मांग दोहराई।

युवाओं के भविष्य को लेकर जताई चिंता
वक्ताओं ने कहा कि, इस रेगुलेशन से सवर्ण समाज के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, शोध, नियुक्ति और पदोन्नति के अवसर सीमित हो जाएंगे। इससे भविष्य में असंतोष, मानसिक दबाव और सामाजिक अस्थिरता की स्थिति पनप सकती है। सरकार से युवाओं के हित में तत्काल कदम उठाने की अपील की गई।

WhatsApp Button व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp Logo

Tags

Next Story