मोबाइल ऐप से हाजिरी पर कड़ा विरोध: शिक्षक संगठन ने निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा- सुरक्षा पर बड़ा खतरा

मोबाइल एप आधारित उपस्थिति प्रणाली के विरोध में शिक्षक संगठनों का विरोध
अनिल सामंत - जगदलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के निर्णय को लेकर प्रदेशभर में नाराज़गी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इसे अव्यवहारिक, असुरक्षित और शिक्षकों की निजता का उल्लंघन करार देते हुए राज्य शासन से तत्काल पुनर्विचार की मांग उठाई है।
संगठन ने क्यों जताई गंभीर आपत्ति?
टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि शासकीय कार्यों के लिए शिक्षकों से निजी मोबाइल और व्यक्तिगत डेटा का उपयोग करवाना उनकी निजता का सीधा उल्लंघन है। संगठन के अनुसार, वर्तमान समय में साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, ऐसे में इस प्रकार की व्यवस्था शिक्षकों को वित्तीय नुकसान के गंभीर जोखिम में डाल सकती है। इसके साथ ही कई विद्यालयों में अब तक स्थायी इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर, टैबलेट जैसे आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिसके बावजूद शिक्षकों पर डिजिटल कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि निरीक्षण व्यवस्था पहले से ही कमजोर है, लेकिन इसके बावजूद शिक्षकों पर अनावश्यक मानसिक और कार्यभार का दबाव डाला जा रहा है। संगठन का स्पष्ट मत है कि यह पूरी प्रक्रिया शिक्षकों के मूल अधिकारों का प्रत्यक्ष हनन है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ता खतरा
संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश के कई जिलों में शिक्षक पहले से ही साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं, जिससे उनकी आर्थिक और मानसिक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा है। फर्जी अधिकारी बनकर शिक्षकों से OTP प्राप्त करने, बैंकिंग जानकारी हासिल करने और ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
ऐसे हालात में शिक्षकों पर निजी मोबाइल फोन में सरकारी एप्लिकेशन इंस्टॉल करने का दबाव बनाना अत्यंत जोखिम भरा है, क्योंकि इससे उनका व्यक्तिगत डेटा, वित्तीय सुरक्षा और मोबाइल की गोपनीयता सीधे तौर पर खतरे में पड़ जाती है। संगठन का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था शिक्षकों को असुरक्षित स्थिति में डाल रही है और इसके दूरगामी दुष्परिणाम हो सकते हैं।
एप आधारित उपस्थिति: जमीनी हकीकत में कितनी संभव?
ग्रामीण और वनाच्छादित क्षेत्रों के कई विद्यालयों में-
- कमजोर नेटवर्क
- इंटरनेट सुविधा नहीं
- स्मार्टफोन का अभाव
- तकनीकी संसाधन सीमित
संगठन ने कहा कि बिना संसाधन उपलब्ध कराए ऐसी प्रणाली लागू करना अव्यवहारिक है।
सुधार के विरोधी नहीं, लेकिन थोपी गई व्यवस्था स्वीकार नहीं- संगठन
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि शिक्षक किसी भी सकारात्मक सुधार के विरोधी नहीं हैं, मगर बिना व्यवस्था, बिना सुरक्षा और बिना विश्वास के थोपी गई प्रणाली स्वीकार्य नहीं।
प्रमुख पदाधिकारियों ने रखी अपनी बात
मांग रखने वालों में शामिल रहे- संजय शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष), सुधीर प्रधान एवं वाजिद खान (प्रदेश संयोजक), हरेन्द्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, मनोज सनाढ्य (प्रदेश सचिव), शैलेन्द्र परिक (प्रदेश कोषाध्यक्ष)।
टीचर्स एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
- प्रत्येक विद्यालय में बायोमेट्रिक पंच मशीन की व्यवस्था
- स्थायी इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए
- शासकीय कार्यों के लिए हर स्कूल को लैपटॉप प्रदान किया जाए
- शिक्षकों की निजता और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- नई उपस्थिति प्रणाली संसाधन उपलब्धता के बाद ही लागू की जाए
