स्वामी विवेकानंद की 164 वीं जयंती: 330 स्वयंसेवकों ने की दंतेश्वरी मंदिर की सफाई, नशा मुक्ति और साइबर सुरक्षा का दिलाया संकल्प

बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश
अनिल सामंत- जगदलपुर। स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती के उपलक्ष्य में बस्तर जिला राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर में भव्य 'युवा दिवस मेगा स्वच्छता, नशा मुक्ति एवं साइबर क्राइम जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर सामाजिक चेतना का सशक्त मंच बनकर युवाओं को जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा प्रेरणादायी लक्ष्य गीत प्रस्तुत किए गए, जिसने पूरे परिसर को ऊर्जा और राष्ट्रभाव से भर दिया। इस मेगा अभियान के तहत 330 स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई कर शहरवासियों को स्वच्छता का प्रत्यक्ष संदेश दिया। साथ ही राजमहल परिसर में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया और नशा मुक्ति व साइबर सुरक्षा के नारे लगाए गए। स्लोगन बोर्ड के साथ रैली निकालकर तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया गया कि स्वच्छता,डिजिटल सतर्कता और नशामुक्त जीवनशैली आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में उतारने की अपील
युवाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में उतारने, एकाग्रता, आत्मअनुशासन और चरित्र निर्माण को अपनाने का आह्वान किया। साइबर अपराधों से बचाव के उपायों, संदिग्ध एप्लीकेशन और ऑनलाइन ठगी के खतरों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि किस प्रकार एक छोटी सी लापरवाही बैंक खातों और निजी जानकारी को खतरे में डाल सकती है। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण शासकीय दंतेश्वरी कन्या महाविद्यालय के छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहे, जिनमें साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति जैसे गंभीर विषयों को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित नागरिकों ने खूब सराहा और उन्हें पुरस्कृत भी किया गया।

जागरूकता से बदलाव की ओर
यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला अभियान बना। स्वच्छता से शुरुआत कर स्वयंसेवकों ने यह संदेश दिया कि बदलाव घर और गली से शुरू होता है। नशा मुक्ति के नारों ने युवाओं को आत्मसंयम और जिम्मेदार जीवन की राह दिखाई, जबकि साइबर सुरक्षा की जानकारी ने डिजिटल दुनिया के खतरों से सतर्क रहने की सीख दी। नुक्कड़ नाटकों, रैलियों और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि युवा जब जागरूक होते हैं, तो समाज स्वतः जाग उठता है। यही स्वामी विवेकानंद की असली प्रेरणा है,कर्म, चरित्र और चेतना का संगम।
ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित
इस सफल आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाने वालों में कुलपति प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव, पार्षद संजय विश्वकर्मा,थाना प्रभारी गौरव सिंह, कार्यक्रम समन्वयक डॉ सजीवन कुमार, जिला संगठक मौसमी विश्वास, कार्यक्रम अधिकारी भुनेश्वरलाल साहू, डोरी सोना, मनीषा टाइगर, मासूराम मांडवी, परमानंद ठाकुर, प्रमोद कुमार मरावी, चंद्रकांत देशमुख, रीना इजाक, लक्ष्मी मिश्रा, प्रिंसी दुग्गा, राहुल सिंह ठाकुर, हीरेंद्र प्रसाद तिवारी तथा पूर्व कार्यक्रम अधिकारी मोहम्मद अकबर खान का विशेष योगदान रहा।
