जगदलपुर में भव्य हिंदू सम्मेलन: कलश यात्रा से आरती तक गूंजा सनातन चेतना का संदेश, हर वर्ग की रही सहभागिता

हिन्दू सम्मलेन मैत्री संघ बस्ती
अनिल सामंत- जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में मैत्री संघ बस्ती स्थित मोहन नगर में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक उल्लास, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता के भाव से सराबोर कर दिया। इस आयोजन ने न केवल सनातन मूल्यों की पुनर्स्मृति कराई, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त संदेश भी दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मोहन नगर से निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसने मैत्री संघ बस्ती की परिक्रमा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जयघोष और भक्ति नारों के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम स्थल पर श्रीराम और भारत माता के वंदन के साथ दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

भक्ति-भजन ने लोगों को किया भावविभोर
मंच पर स्थानीय मंदिरों से जुड़े पुजारियों का सम्मान किया गया। इसके पश्चात बच्चों और महिलाओं द्वारा प्रस्तुत हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रभक्ति गीतों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने समाज को एकजुट रखने, परंपराओं की रक्षा करने और आने वाली सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, सनातन परंपरा केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली जीवनशैली है।

आयोजन में इनकी रही सहभागिता
कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। जिसके बाद सभी उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में मातृशक्ति, प्रबुद्धजन, समाज प्रमुख और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

ये रहे उपस्थित
इस दौरान बस्ती प्रमुख दृशान चक्रबोर्ती के मार्गदर्शनानुसार मंच पर अतिथि मुख्य बौधिक संघ के जिला संघ चालक योगेश्वर सिन्हा नगर संघ चालक सुबीर नंदी, मुख्य अतिथि अधिवक्ता मोहन राव, अतिथि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पार्षद उर्मिला यादव, मनोज पानीग्राही, मंच संचालन देबेन्द्र देवांगन समिति के अनुपमा साहा, सुश्मिता बोस,अनिता कुंडू, प्रिया साहा, संध्या महावर, सुशांत भद्र, सुबीर, गोबिंद पाल, प्रदीप साहा, अभय राय, रिचिका तालुकदार, कोणिका, सोमैया, नम्रता राय, मृणाल, तपनबोस, रामचंद्र, पप्पुबर्मा, ज्योति, राजू, भुवन, लिलिमा, रजनीश और बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

कलश यात्रा से लेकर आरती तक, हर पल बना आस्था का उत्सव
मोहन नगर से निकली कलश यात्रा ने जैसे ही बस्ती की गलियों का भ्रमण किया, पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया। जयघोष, भक्ति नारों और शंखनाद के बीच लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर दीप प्रज्वलन,श्रीराम वंदन, पुजारियों का सम्मान, बच्चों और महिलाओं की प्रस्तुति और अंत में भारत माता की आरती से हुआ। इन सभी क्रमिक आयोजनों ने सम्मेलन को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का पर्व बना दिया।
